GNM को उपार्जित, मातृत्व अवकाश का भुगतान नहीं: मानदेय रुका, सिविल सर्जन ने 3 दिनों के भीतर स्पष्टीकरण मांगा – Sheohar News
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शिवहर में एक जीएनएम संगीता कुमारी को उपार्जित और मातृत्व अवकाश का भुगतान नहीं मिल पा रहा है। उन्हें लगातार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। इस बीच, उनका मानदेय भी स्थगित कर दिया गया है और उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है। दोनों अवकाशों का भुगतान नहीं राजस्थान के झुंझुनू की निवासी संगीता कुमारी ने अक्टूबर 2021 में शिवहर जिले में जीएनएम के पद पर योगदान दिया था। उन्होंने शादी के लिए 26 दिनों का उपार्जित अवकाश और जुलाई 2025 से जनवरी 2026 तक मातृत्व अवकाश लिया था। हालांकि, उन्हें अब तक इन दोनों अवकाशों का भुगतान नहीं किया गया है। कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे संगीता कुमारी का आरोप है कि भुगतान के लिए उन्हें लगातार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। उन्होंने कई बार सिविल सर्जन से मिलने का प्रयास किया, लेकिन कार्यालय कर्मियों ने उन्हें मिलने नहीं दिया। 16 जून 2024 को उन्होंने सिविल सर्जन कार्यालय जाकर अस्पताल व्यवस्था की शिकायत के साथ अपने अवकाश भुगतान की मांग भी रखी थी। उनका आरोप है कि जिला पदाधिकारी से शिकायत करने के बाद सिविल सर्जन डॉ. दीपक कुमार ने उनसे स्पष्टीकरण मांग लिया। संगीता कुमारी का कहना है कि उपार्जित अवकाश और मातृत्व लाभ उनका वैधानिक अधिकार है। 27 से 30 अप्रैल तक अनुपस्थित पाया वहीं, सिविल सर्जन कार्यालय के पत्रांक 523 दिनांक 20 मई 2026 के अनुसार, संगीता कुमारी को 27 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक अनुपस्थित पाया गया था। उन पर चिकित्सा पदाधिकारी पर अनर्गल आरोप लगाने और अस्पताल के कार्य को प्रभावित करने का प्रयास करने का आरोप लगाया गया है। 20 मई को हुई जांच में चिकित्सा पदाधिकारी को उपस्थित पाया गया, जिसके बाद सिविल सर्जन ने संगीता कुमारी को तीन दिनों के भीतर स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है। संतोषजनक जवाब मिलने तक उनका मानदेय भी स्थगित कर दिया गया है। संगीता कुमारी ने कहा है कि वह केवल अपना वैधानिक अधिकार मांग रही हैं और उन्होंने कुछ भी गलत नहीं किया है।
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