Published On: Fri, May 22nd, 2026

आनंद मोहन लंबे राजनीतिक अनुभव वाले जननेता-प्रखंड अध्यक्ष: नीतीश-जदयू पर टिप्पणी को लेकर विवाद; सरकार बचाने में थी महत्वपूर्ण भूमिका – Madhepura News




मधेपुरा में फ्रेंड्स ऑफ आनंद के प्रखंड अध्यक्ष दीपक कुमार ने पूर्व सांसद आनंद मोहन के बयान को लेकर चल रहे राजनीतिक विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने आनंद मोहन को एक अनुभवी और सिद्धांतवादी नेता बताया, जो हमेशा बेबाकी से अपनी बात रखते आए हैं। शुक्रवार को सुखासन में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान दीपक कुमार ने कहा कि आनंद मोहन आज के दौर के नहीं, बल्कि लंबे राजनीतिक अनुभव वाले जननेता हैं। उनके अनुसार, नीतीश कुमार और जदयू को लेकर आनंद मोहन द्वारा दिया गया बयान पूरी तरह तथ्यपरक और सही है। दीपक कुमार ने जोर देकर कहा कि आनंद मोहन कभी भी बिना सोचे-समझे बयान नहीं देते। उन्होंने कुछ अन्य नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि वे केवल राजनीतिक लाभ के लिए अनर्गल बातें करते हैं, जबकि आनंद मोहन हमेशा स्वाभिमान और सिद्धांत की राजनीति करते आए हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि आनंद मोहन ने कभी अपने बेटे को मंत्री बनाने के लिए किसी नेता से सिफारिश नहीं की। प्रेस वार्ता में उन्होंने बताया कि 2025 के विधानसभा चुनाव से पहले एनडीए सरकार को बचाने में आनंद मोहन और उनके पुत्र चेतन आनंद की महत्वपूर्ण भूमिका रही थी। चेतन आनंद का उस समय लिया गया राजनीतिक निर्णय एनडीए के पक्ष में काफी अहम साबित हुआ था। दीपक कुमार ने दोहराया कि आनंद मोहन एक स्वाभिमानी नेता हैं और वे कभी अपने सम्मान से समझौता नहीं करते। दीपक कुमार ने यह भी आरोप लगाया कि जदयू के भीतर मौजूद कुछ भितरघाती नेता ही आनंद मोहन के खिलाफ माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं। उनके मुताबिक, जदयू के केवल एक-दो नेता ही सार्वजनिक रूप से आनंद मोहन का विरोध कर रहे हैं, जिनकी राजनीतिक हैसियत ज्यादा नहीं है। उन्होंने दावा किया कि विरोध करने वाले नेताओं में से एक नेता वर्ष 1995 में आनंद मोहन की पार्टी से टिकट मांगने पहुंचे थे। दीपक कुमार ने यह भी कि अब तक भाजपा का कोई भी नेता आनंद मोहन के विरोध में सामने नहीं आया है। इससे यह स्पष्ट होता है कि यह पूरा विवाद जदयू के अंदरूनी मतभेद और राजनीतिक खींचतान का परिणाम है।



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