Published On: Wed, May 20th, 2026

स्कूल में एडमिशन नहीं होने से अभिभावकों का फूटा गुस्सा: परिजन बोले- सिर्फ अमीरों के बच्चों को दाखिला मिलेगा; HM बोले- सीमित सीट है – Bhagalpur News




भागलपुर के इंटर स्तरीय पंचानन झा उच्च विद्यालय बैजानी में नामांकन को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। अपने बच्चों का नामांकन नहीं होने से नाराज अभिभावकों ने स्कूल पहुंचकर विरोध जताया। अभिभावकों का कहना है कि उनके बच्चे पहले से इसी स्कूल में पढ़ाई कर रहे थे। इसके बावजूद इस बार नामांकन नहीं लिया जा रहा है। स्कूल पहुंचे अभिभावकों ने बताया कि अचानक बदले नियमों की वजह से कई छात्र-छात्राओं का नामांकन अटक गया है। इससे बच्चों के भविष्य को लेकर परिवार चिंतित हैं। अभिभावकों ने स्कूल प्रशासन से सीट बढ़ाने और सभी योग्य बच्चों का नामांकन लेने की मांग की। बच्चों का नामांकन स्थानीय स्कूल में करने की मांग अभिभावक (महिला) सुनीता देवी ने ने बताया कि अप्रैल महीने से ही उन्हें बच्चों के नामांकन के लिए कहा जा रहा था। कई बार स्कूल आने-जाने के बाद उन्हें आश्वासन दिया गया कि एडमिशन लिया जाएगा, लेकिन अब स्कूल प्रशासन यह कह रहा है कि स्कूल को मॉडल स्कूल बना दिया गया है, इसलिए उनके बच्चे का नामांकन नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि उनके बच्चे पढ़ाई में अच्छे हैं, फिर भी मेरिट या नंबर का हवाला देकर एडमिशन से वंचित किया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या बड़े स्कूलों में सिर्फ पैसे वाले लोगों के बच्चों को ही पढ़ने का अधिकार है। अगर बच्चियां दूर स्कूल जाएंगी और रास्ते में कोई घटना होती है, तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा। अभिभावक ने मांग की कि उनके बच्चों का नामांकन स्थानीय स्कूल में ही किया जाए और स्पष्ट नियम सार्वजनिक किए जाएं। प्रिंसपल मनीष कुमार सिंह ने बताया कि इस साल स्कूल को मॉडल स्कूल का दर्जा मिला है। कक्षा 9 में नामांकन के लिए कुल 180 सीटें निर्धारित हैं। उन्होंने कहा कि शुरुआत में NMMS परीक्षा पास करने वाले छात्रों के नामांकन का प्रावधान था, लेकिन बाद में जारी नई एसओपी के अनुसार अब मेधा क्रमांक और मेरिट के आधार पर ही एडमिशन लिया जा रहा है। प्राइवेट स्कूलों के छात्रों को शामिल नहीं किया जाना है। उन्होंने बताया कि इसी नियम के तहत मार्कशीट, मेरिट सूची और परीक्षा के आधार पर दो बार टेस्ट लेकर नामांकन प्रक्रिया पूरी की गई है। अब जिन छात्रों का चयन नहीं हो पा रहा है, उनके अभिभावक स्कूल पहुंचकर दबाव बना रहे हैं। सीमित सीटों के कारण तय क्षमता से अधिक नामांकन संभव नहीं है। उनका उद्देश्य मॉडल स्कूल को बेहतर शैक्षणिक संस्थान बनाना है, इसलिए बिना संसाधन के अधिक बच्चों का नामांकन करना उचित नहीं होगा। उन्होंने कहा कि इस मामले में वे सरकार और वरीय अधिकारियों से मार्गदर्शन हासिल करेंगे और जो निर्देश मिलेगा, उसी के अनुसार आगे कार्रवाई की जाएगी।



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