Published On: Wed, May 20th, 2026

बेगूसराय का टॉप टेन क्रिमिनल दिलीप सिंह अरेस्ट: एसटीएफ-डीआईयू ने पकड़ा, रंगदारी-लूटपाट के मामले में था फरार; 50 हजार का इनामी हिस्ट्रीशीटर भी अरेस्ट – Begusarai News




बेगूसराय पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने जिला स्तर पर कामयाबी हासिल की है। बेगूसराय पुलिस की डिस्ट्रिक्ट इंटेलिजेंस यूनिट (DIU) और एसटीएफ (STF) SOG-3 की टीम ने संयुक्त विशेष ऑपरेशन चलाकर जिले के टॉप-10 अपराधियों की सूची में शामिल कुख्यात दिलीप सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। इसके अलावा एक 50 हजार का इनामी हिस्ट्रीशीटर शक्ति सिंह भी अरेस्ट हुआ है। पुलिस ने यह कार्रवाई मटिहानी थाना क्षेत्र के सिहमा दियारा इलाके में घेराबंदी करके की है। जानकारी के अनुसार पुलिस प्रशासन को गुप्त सूचना मिली थी कि मटिहानी थाना क्षेत्र का मोस्ट वांटेड अपराधी सिहमा गांव के रहने वाले रामचंद्र सिंह का बेटा दिलीप सिंह सिहमा दियारा क्षेत्र में छिपा हुआ है। पुलिस को इनपुट मिली थी कि वह किसी बड़ी आपराधिक घटना को अंजाम देने की फिराक में है। सूचना को बेहद गंभीरता से लेते हुए एसपी मनीष के निर्देश पर डीआईयू और एसटीएफ SOG-3 की एक संयुक्त विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने कार्रवाई करते हुए पूरे सिहमा दियारा इलाके को चारों तरफ से घेर लिया। जिले के टॉप-10 अपराधियों की सूची में शामिल था पुलिस की भारी घेराबंदी देखकर अपराधी दिलीप सिंह ने भागने का प्रयास किया। लेकिन मुस्तैद जवानों ने उसे मौके पर ही दबोच लिया। गिरफ्तार अपराधी दिलीप सिंह बेगूसराय पुलिस के लिए लंबे समय से सिरदर्द बना हुआ था। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक वह जिले के टॉप-10 अपराधियों की सूची में शामिल था। पुलिस को लंबे समय से थी तलाश पुलिस लगातार उसकी तलाश कर रही थी। दिलीप सिंह पर बेगूसराय जिले के विभिन्न थानों में हत्या का प्रयास, रंगदारी, लूटपाट और आर्म्स एक्ट जैसे आधा दर्जन से अधिक गंभीर अपराध के मामले दर्ज हैं। सिहमा और आसपास के दियारा इलाकों में उसका अच्छा-खासा खौफ था। गिरफ्तारी के बाद पुलिस और एसटीएफ की टीम आरोपी को गुप्त स्थान पर ले जाकर कड़ाई से पूछताछ कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दिलीप सिंह से पूछताछ के आधार पर उसके गैंग के अन्य सदस्यों और उसे पनाह देने वाले सफेदपोशों के संबंध में सुराग जुटाए जा रहे हैं। इसके साथ ही उसके अन्य आपराधिक इतिहास और हाल के दिनों में उसकी गतिविधियों का पता लगाया जा रहा है। कागजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद आरोपी को कोर्ट में पेश कर जेल भेजा जाएगा। 50 हजार रुपये का इनामी भी अरेस्ट विशेष अभियान के तहत एसटीएफ (STF) और मटिहानी थाना पुलिस ने कार्रवाई की है। पुलिस ने इलाके के कुख्यात अपराधी शक्ति सिंह उर्फ शिवशक्ति सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार अपराधी पर पुलिस मुख्यालय की ओर से 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। वह पिछले कई सालों से पुलिस फरार चल रहा था। जिला पुलिस इसे अपनी एक बड़ी उपलब्धि मान रही है, क्योंकि शक्ति सिंह की गिरफ्तारी से क्षेत्र में आपराधिक गतिविधियों पर लगाम लगाने में काफी मदद मिलेगी। जानकारी के अनुसार एसटीएफ और मटिहानी थाना पुलिस को विशेष इनपुट मिली थी। जिसमें कहा गया था कि 50 हजार का इनामी शक्ति सिंह बड़ी घटना को अंजाम देने या छिपने के इरादे से आया हुआ है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए संयुक्त टीम ने मटिहानी थाना क्षेत्र के चिन्हित ठिकानों पर छापामारी अभियान चलाया। पुलिस ने चारों तरफ से घेराबंदी कर शक्ति सिंह उर्फ शिवशक्ति सिंह को भागने का कोई मौका नहीं दिया और उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार अपराधी शक्ति सिंह मूल रूप से मटिहानी थाना क्षेत्र के सिहमा के रहने वाले रामानंदन सिंह उर्फ खारामू सिंह का बेटा है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक शक्ति सिंह बरौनी थाना कांड संख्या- 355/10 के तहत दर्ज डकैती के एक बड़े मामले में लंबे समय से वांछित चल रहा था। वह लगातार ठिकाने बदल-बदल कर पुलिस की पकड़ से फरार चल रहा था। इसके बाद 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। शक्ति सिंह शातिर और हिस्ट्रीशीटर बदमाश गिरफ्तार शक्ति सिंह कोई साधारण बदमाश नहीं है, बल्कि शातिर और हिस्ट्रीशीटर बदमाश है। बेगूसराय के विभिन्न थानों में इस पर हत्या, डकैती और आर्म्स एक्ट (Arms Act) जैसे जघन्य अपराध के 11 मामले दर्ज हैं। वह पिछले कई सालों से जिले में कानून व्यवस्था के लिए चुनौती बना हुआ था। एसपी मनीष ने बताया कि एसटीएफ और स्थानीय पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में शक्ति सिंह की गिरफ्तारी सुनिश्चित की गई है। गिरफ्तारी के बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया की जा रही है। इससे पहले 2019 में भी हरियाणा के गुरुग्राम चकरपुर से शिव शक्ति सिंह को गिरफ्तार किया था। उस दौरान वह हरियाणा में टैक्सी चलाने का काम करता था। वह कई बार हरियाणा से बेगूसराय आकर घटना को अंजाम देकर हरियाणा चला जाता था। उस समय गिरफ्तारी के कुछ दिन बाद ही बाहर आ गया था।



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