Published On: Thu, May 21st, 2026

‘लड़की अरेंज नहीं कर सकते तो अपनी पत्नी को बुलाओ’: बेगूसराय के युवक ने गुरुग्राम में की आत्महत्या, सुसाइड नोट में लिखा- सुपरवाइजर की डिमांड – Begusarai News




“मुझे ब्लैकमेल कर देवेंद्र ने पहले मेरे साथ संबंध बनाया, फिर लड़की की डिमांड की। मना किया तो कहा- अपनी पत्नी को बुला लो। वो मुझे बिहारी कहकर जलील करता था। कहता था- हरियाणा में भैंस 1 लाख 30 हजार की मिलती है, बिहारन 80 हजार में बिकती हैं। मैं देवेंद्र के ब्लैकमेलिंग, जलील करने से परेशान होकर आत्महत्या कर रहा हूं। मेरी आत्महत्या का जिम्मेदार मेरा सुपरवाइजर देवेंद्र कुमार ही है। सॉरी ऑल ऑफ यू…।” बेगूसराय के 30 साल के रामपुकार यादव ने 8 पेज के सुसाइड नोट में ये बातें लिखी है। रामपुकार ने सुसाइड नोट को अपने भाई और भांजा के वॉट्सएप पर 17 मई को भेजा था। इसके 15 मिनट बाद ही उसने गुरुग्राम में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। रामपुकार यादव की लाश को तीन दिन बाद यानी बुधवार को बेगूसराय लाया गया। परिवार का आरोप है कि रामपुकार यादव के सुसाइड करने के 30 घंटे बाद तक पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। हम लोगों ने सुसाइड नोट के आधार पर आरोपी देवेंद्र के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की, लेकिन पुलिस ने एक्शन नहीं लिया। मजबूरी में लाश घर लेकर आ गए। रामपुकार यादव कौन था। गुरुग्राम कब गया, क्या करता था। आरोपी देवेंद्र से परेशान होकर उसने क्यों आत्महत्या की। पुलिस ने अब तक क्या ऐक्शन लिया…नीचे पूरी रिपोर्ट पढ़िए… सबसे पहले रामपुकार यादव के बारे में जानिए रामपुकार यादव बेगूसराय के गढ़पुरा थाना क्षेत्र के रक्सी गांव का रहने वाला था। रामपुकार 31 जनवरी 2022 से हरियाणा के गुरुग्राम के सेक्टर-20 में उद्योग विहार फेज-II स्थित TUV SUD South Asia Pvt Ltd नाम की कंपनी में काम करता था। उसकी पत्नी रूबी देवी अपने इकलौते बेटे के साथ गांव में परिवार के साथ रहती है। रामपुकार ने 17 मई की दोपहर करीब 12 बजे कमरे में लगे पंखे से लटककर आत्महत्या कर ली। घटना से पहले रामपुकार ने 8 पेज का सुसाइड नोट लिखा और उसे अपने भाई पंकज कुमार उर्फ माया यादव और भांजा पप्पू कुमार के वॉट्सएप पर भेज दिया। करीब 15 मिनट बाद परिजनों ने मैसेज देखा तो रामपुकार के कमरे के पड़ोस में रहने वाले शख्स से देखने को कहा। पड़ोसी रामपुकार के मकान में पहुंचा तो दरवाजा अंदर से बंद था। काफी आवाज लगाने के बाद अंदर से रिस्पॉन्स नहीं मिला तो दरवाजा तोड़ा गया। अंदर रामपुकार यादव की लाश पंखे से लटकी थी। घटनास्थल पर 8 पेज का सुसाइड नोट भी पड़ा था। अब रामपुकार यादव के परिजन के आरोपों के बारे में पढ़िए रामपुकार यादव की आत्महत्या की जानकारी के बाद गुरुग्राम, नोएडा और दिल्ली में रहने वाले उसके नजदीकी रिश्तेदार और परिजन घटनास्थल पर पहुंचे। आत्महत्या की जानकारी लोकल पुलिस को दी। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। लेकिन बुधवार की शाम तक FIR दर्ज नहीं की गई। मृतक के रिश्तेदार राजीव कुमार ने बताया कि सुसाइड से पहले रामपुकार ने अपने बड़े भाई पंकज कुमार को कॉल किया था, लेकिन पंकज ने किसी वजह से फोन रिसीव नहीं किया। पकंज ने एक लड़के को फोन किया तो पता चला कि गेट बंद है। पकंज के कहने पर ही रामपुकार का दरवाजा तोड़ा गया। पुलिस ने लाश को नीचे उतारा और जांच करके लाश को थाना ले गई। थाना में पुलिस ने कहा कि आज संडे है, इसलिए पोस्टमॉर्टम नहीं हो पाएगा। लाश को पुलिस ने दीनदयाल उपाध्याय हॉस्पिटल हरीनगर में रखवा दिया और कहा कि सोमवार को 10 बजे पोस्टमॉर्टम होगा। राजीव कुमार ने बताया कि सोमवार सुबह 11 बजे तक पोस्टमॉर्टम हाउस में कोई भी पुलिसकर्मी नहीं आया। केस के आईओ ने फोन किया तो उन्होंने कहा कि प्रक्रिया जल्द शुरू होगी। FIR करने के लिए कहा तो पुलिस ने जवाब दिया कि पोस्टमॉर्टम के बाद अंतिम संस्कार कीजिए, फिर देखते हैं, लेकिन हम लोग इसके लिए तैयार नहीं हुए। हम लोगों ने कहा कि सुसाइड नोट के आधार पर केस दर्ज कीजिए, लेकिन पुलिस की ओर से जवाब दिया गया कि आप लोग एफआईआर के लिए जो आवेदन दे रहे हैं, उसमें इस बात का जिक्र मत कीजिएगा कि आरोपी देवेंद्र ने 5 लाख रुपए लिए हैं, बिहारी और बिहारन शब्द की भी चर्चा मत कीजिएगा। पुलिसकर्मी के ये कहने पर हम लोग उनके मुताबिक शिकायत करने के लिए तैयार नहीं हुए। सोमवार शाम 6:45 बजे तक हम लोग थाना पर रहे। लेकिन हमारी बात सुनने के लिए कोई तैयार नहीं हुआ। इधर, लाश की स्थिति बिगड़ने लगी थी। घटना के 30 घंटा के बाद भी FIR नहीं लिया गया। उसके बाद हम लोग मजबूरी में लाश को लेकर गांव आ गए। अब पढ़िए मृतक रामपुकार यादव के सुसाइड नोट में क्या है? 8 पेज के सुसाइड नोट में रामपुकार ने लिखा है, “TUV SUD South Asia Pvt Ltd का सुपरवाइजर देवेंद्र मुझे 3 साल से प्रताड़ित कर रहा है। मैं उसके साथ एक ही कमरे में रहता था। मैं शराब नहीं पीता था, एक दिन उसने मुझे कोल्ड ड्रिंक में शराब मिलाकर पिला दी। जब मैं नशे में बेसुध हो गया तो उसने मेरे साथ शारीरिक संबंध बनाए। दूसरे दिन भी उसने कोशिश की, लेकिन मैंने विरोध किया तो उसने मुझे ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। फरवरी 2022 से जुलाई 2023 तक ब्लैकमेल करता रहा, शारीरिक संबंध बनाता रहा।” रामपुकार ने सुसाइड नोट में लिखा, “जुलाई 2023 के बाद देवेंद्र अपने भाई के साथ रहने के लिए पालम चला गया। वहां जाने के बाद देवेंद्र मुझसे पैसे की डिमांड करने लगा। मैंने पैसे देने से इनकार किया, तो उसने मुझे धमकी दी कि मेरे अंकल हरियाणा पुलिस में हैं, उनसे बोलकर तुम्हारी पिटाई करा दूंगा। मैंने मजबूरी में देवेंद्र को कैश में 10 से 15 हजार देने लगा। मैं ऑनलाइन पैसे देता था तो पहले तो वो मना करता था, हालांकि कभी-कभी ऑनलाइन लिए हुए पैसे वापस भी कर देता था, लेकिन जो भी उसने मुझसे कैश में लिया, वह वापस नहीं किया। जब मैं पैसे मांगता था तो वो मुझे पिटवाने की धमकी देता था।” ‘तुम लड़की की व्यवस्था करो, नहीं तो गांव से अपनी पत्नी को बुला लो’ मृतक ने सुसाइड नोट में लिखा कि कुछ दिन तक देवेंद्र किसी लड़की के साथ घुमने लगा। जब लड़की भाग गई तो मुझसे कहने लगा कि तुम मेरे लिए लड़की की व्यवस्था करो, मैंने मना कर दिया। मैं गांव में अपना घर बना रहा था। मेरे पास पैसे नहीं थे, लड़की कहां से लाता? लड़की की व्यवस्था नहीं हुई तो देवेंद्र ने मुझे काफी गालियां दी। इसके बाद मैंने अपने मैनेजर से कहा कि आप मेरा डिपार्टमेंट चेंज कर दीजिए। मैनेजर को सारी बातें बताई तो उसने जवाब में कहा- मैं देवेंद्र को समझा दूंगा, तुम अपना काम करो। मैनेजर के समझाने के बाद कुछ दिनों तक देवेंद्र ने मुझे परेशान करना छोड़ दिया। करीब 4 से 5 महीने बाद दोबारा बातचीत शुरू की और कहा- हाउसकीपिंग में काम करने वाली लड़की से मेरे लिए बात करो। जब मैंने मना किया तो उसने मुझसे कहा कि तुम गांव से अपनी पत्नी को बुला लो। पत्नी की डिमांड पर मैंने अपने एडमिन पंकज मिश्रा को इसकी जानकारी दी। उनको बताया कि देवेंद्र मुझे टारगेट कर परेशान कर रहा है। पंकज ने कहा कि तुम मैनेजर से बात करो। मैंने दोबारा मैनेजर से बात की तो उन्होंने कोई एक्शन नहीं लिया। इसके बाद मैं HR के पास भी गया, लेकिन उन्होंने भी मुझे मैनेजर के पास भेजा और कहा- मामला खत्म करो। मेरे पास कोई ऑप्शन नहीं बचा है। देवेंद्र मुझे लगातार प्रताड़ित कर रहा है, गालियां दे रहा है। ‘बिहारी कहकर जलील करता है, कहता है- बिहारन 80 हजार में मिल जाती हैं’ रामपुकार ने सुसाइड नोट में आगे लिखा कि देवेंद्र मुझे बिहारी कहकर जलील करता था। कहता था कि हम हरियाणा वालों का बिहार इंटरनेशनल ससुराल है। बिहारन को 80 हजार रुपए में खरीदकर लाते हैं। तुम्हारे यहां की बिहारन 80 हजार में बिकती है और हरियाणा में भैंस भी 1 लाख 30 हजार से बिकनी शुरू होती है। इससे परेशान होकर मैं कुछ दिनों के लिए छुट्टी लेकर गांव चला आया। वापस आया तो देवेंद्र मुझे फिर से जलील करने लगा। रामपुकार ने लिखा, आई एम सॉरी नितिन सर, आप कहते थे कि अगर तुम्हें कोई परेशान करता है, तो उससे भागो मत, उसका सामना करो। लगभग साढ़े तीन साल तक मैंने देवेंद्र का सामना किया, लेकिन जब मेरी वाइफ पर बात पहुंच गई तो मैं अंदर से टूट गया। मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा है, इसलिए मैं सुसाइड करने जा रहा हूं। इसके लिए सिर्फ देवेंद्र ही रिस्पॉन्सिबल होगा और कई नहीं। मुझे माफ कर देना। Sorry All of You!



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