Published On: Wed, May 20th, 2026

बच्चों की पाठशाला बनी ‘डांस बार’; VIDEO: सीवान के आंगनबाड़ी केंद्र में रातभर चला अश्लील नाच, सेविका पर बाराती को चाबी देने का आरोप – Siwan News




सीवान जिले के सिसवन प्रखंड से सरकारी व्यवस्था को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। बच्चों की शुरुआती शिक्षा, पोषण और बेहतर माहौल के लिए बनाए गए आंगनबाड़ी केंद्र को रातों-रात ऑर्केस्ट्रा और डांस कार्यक्रम का मंच बना दिया गया। जिस कमरे में छोटे बच्चों को ABCD और ककहरा सिखाया जाता है, उसी जगह भोजपुरी गानों पर नर्तकियों ने ठुमके लगाए और लोग देर रात तक मनोरंजन करते रहे। मामला सिसवन प्रखंड के भीखपुर पंचायत स्थित आंगनबाड़ी केंद्र संख्या-27 किशुनबाड़ी का है। केंद्र की सेविका सिंधु देवी पर आरोप है कि उन्होंने गांव में आई बारात के मनोरंजन के लिए सरकारी भवन की चाभी सौंप दी। इसके बाद केंद्र के अंदर ही डांस कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यकर्म के दौरान बच्चे भी मौजूद दैनिक भास्कर को मिले एक्सक्लूसिव वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि केंद्र की दीवारों पर बच्चों की पढ़ाई से जुड़े शब्द और शैक्षणिक चित्र बने हुए हैं, जबकि ठीक सामने भोजपुरी गानों पर नर्तकी डांस कर रही है। कार्यक्रम के दौरान कई बच्चे भी वहां मौजूद थे और पूरे माहौल को देखते नजर आए। स्थानीय लोगों ने इस घटना पर नाराजगी जताते हुए कहा कि सरकार करोड़ों रुपए खर्च कर बच्चों के भविष्य को बेहतर बनाने के लिए आंगनबाड़ी केंद्र बनवा रही है, लेकिन जिम्मेदार लोग ही उसकी गरिमा को खत्म करने में लगे हैं। ग्रामीणों का सवाल है कि क्या अब सरकारी शैक्षणिक भवनों का इस्तेमाल बारातियों के मनोरंजन और ऑर्केस्ट्रा कार्यक्रमों के लिए होगा? उन्होंने कहा कि ऐसे माहौल का बच्चों के संस्कार और शिक्षा पर गलत असर पड़ सकता है। बारात के रुकने के लिए दिया था चाबी मामले के सामने आने के बाद पूरे इलाके में चर्चा तेज हो गई है। जब केंद्र की सेविका सिंधु देवी से इस संबंध में बात की गई तो उन्होंने स्वीकार किया कि आंगनबाड़ी केंद्र के अंदर डांस कार्यक्रम हुआ था। उनका कहना था कि गांव में बारात आई थी और ग्रामीणों के कहने पर उन्होंने केंद्र की चाबी दे दी। हालांकि जब उनसे पूछा गया कि यदि केंद्र में रखे सरकारी सामान के साथ छेड़छाड़ होती या कोई सामान गायब हो जाता तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेता, इस पर वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सकीं। घटना के बाद प्रशासनिक निगरानी पर भी सवाल उठ रहे हैं। सिसवन प्रखंड के सीडीपीओ प्रमोद यादव से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनका सरकारी मोबाइल बंद मिला। वहीं जिला प्रोग्राम पदाधिकारी तरणी कुमारी को कई बार फोन किया गया, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया। दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग अब ग्रामीणों ने पूरे मामले की जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि बच्चों की शिक्षा और पोषण के लिए बने सरकारी केंद्रों की मर्यादा बचाना प्रशासन की जिम्मेदारी है। यदि ऐसे मामलों पर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में सरकारी शैक्षणिक भवनों के दुरुपयोग की घटनाएं और बढ़ सकती हैं।



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