दिलीप जायसवाल के काफिले में गाड़ी की लंबी कतार: PM मोदी की ईंधन बचाने की अपील; सहयोग शिविर में मुजफ्फरपुर पहुंचे मंत्री, VIP कल्चर पर चर्चा तेज – Muzaffarpur News
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देश में बढ़ती ऊर्जा जरूरतों और ईंधन बचत को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार लोगों से सादगी अपनाने और पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने की अपील कर रहे हैं। इसी बीच बिहार सरकार के मंत्री दिलीप जायसवाल का मुजफ्फरपुर दौरा और उनके साथ चल रहा लंबा वीआईपी काफिला चर्चा का विषय बन गया है। इसका वीडियो भी सामने आया है। मंगलवार को राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी “सहयोग शिविर” योजना के तहत आयोजित कार्यक्रमों के निरीक्षण के लिए प्रभारी मंत्री दिलीप जायसवाल मुजफ्फरपुर पहुंचे थे। इस दौरान उनके साथ दर्जनों गाड़ियों का बड़ा काफिला नजर आया, जिसे लेकर स्थानीय लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। बाबा गरीबनाथ मंदिर से शुरू हुआ दौरा मुजफ्फरपुर पहुंचने के बाद मंत्री दिलीप जायसवाल ने सुबह प्रसिद्ध बाबा गरीबनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की। इसके बाद उन्होंने जिले के तीन अलग-अलग प्रखंडों में आयोजित सहयोग शिविरों का निरीक्षण किया और विभिन्न विभागों की योजनाओं की समीक्षा की। हालांकि पूरे दौरे के दौरान मंत्री के साथ बड़ी संख्या में वाहनों का काफिला चलता दिखाई दिया। सड़क पर लंबी कतार में चल रही गाड़ियों को लेकर लोगों ने सोशल मीडिया पर भी प्रतिक्रियाएं देनी शुरू कर दीं। “ईंधन बचाओ” अपील के बीच उठे सवाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल के दिनों में देशवासियों से ईंधन की बचत करने, अनावश्यक यात्रा कम करने और संसाधनों का सीमित उपयोग करने की अपील की थी। ऐसे में मंत्री के लंबे काफिले को लेकर लोगों के बीच सवाल उठने लगे हैं कि क्या वीआईपी दौरों में भी सादगी और ईंधन बचत के संदेश का पालन हो रहा है? कुछ लोगों ने इसे वीआईपी संस्कृति से जोड़ते हुए कहा कि आम जनता से ईंधन बचाने की अपील की जाती है, लेकिन नेताओं और मंत्रियों के बड़े काफिलों में कोई कमी नहीं दिखाई देती। समर्थकों ने दिया सुरक्षा और प्रोटोकॉल का तर्क मंत्री समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं का कहना है कि किसी भी मंत्री के दौरे में सुरक्षा प्रोटोकॉल, प्रशासनिक अधिकारियों और पार्टी कार्यकर्ताओं की वजह से बड़ी संख्या में गाड़ी शामिल रहते हैं। ऐसे में इसे अनावश्यक खर्च या दिखावा कहना उचित नहीं होगा। फिलहाल जिले में सहयोग शिविर कार्यक्रम को लेकर प्रशासनिक गतिविधियां तेज हैं और मंत्री विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा में जुटे हुए हैं। लेकिन उनके दौरे से ज्यादा चर्चा फिलहाल वीआईपी काफिले और ईंधन बचत के संदेश के बीच दिखे विरोधाभास की हो रही है।
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