सुपौल में 5 आंगनबाड़ी सेविकाएं चयनमुक्त: लापरवाही, गड़बड़ी के आरोप पर DM सावन कुमार का एक्शन – Supaul News
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सुपौल जिले के प्रतापगंज परियोजना अंतर्गत कार्यरत पांच आंगनबाड़ी सेविकाओं को विभागीय कार्यों में लापरवाही, अनुशासनहीनता और उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना के आरोप में चयनमुक्त कर दिया गया है। यह कार्रवाई जिलाधिकारी सावन कुमार द्वारा 18 मई 2026 से प्रभावी मानी गई है। जारी आदेश के अनुसार बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, प्रतापगंज द्वारा अलग-अलग पत्रों के माध्यम से जिलाधिकारी को प्रतिवेदन भेजा गया था। प्रतिवेदन में बताया गया कि संबंधित सेविकाओं द्वारा प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना (PMMVY), मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना (MKUY) तथा टेक होम राशन (THR) जैसी लाभकारी योजनाओं के पात्र लाभार्थियों को लाभ से वंचित रखा जा रहा था। साथ ही आंगनबाड़ी केंद्रों पर स्कूल पूर्व शिक्षा प्राप्त करने वाले बच्चों की संख्या भी काफी कम पाई गई। केंद्रों का संचालन नियमित रूप से नहीं किया जा रहा था जांच में यह भी सामने आया कि कई सेविकाएं प्रायः केंद्र से अनुपस्थित रहती थीं तथा केंद्रों का संचालन नियमित रूप से नहीं किया जा रहा था। विभाग की ओर से पूर्व में कई बार मानदेय कटौती की कार्रवाई भी की गई थी, लेकिन कार्यशैली में सुधार नहीं हुआ। अधिकारियों ने प्रतिवेदन में कहा कि संबंधित सेविकाएं विभागीय कार्यों में रुचि नहीं ले रही थीं, जिसके कारण प्रतापगंज परियोजना की उपलब्धि जिला स्तर पर कमजोर पाई जा रही थी। लापरवाही व अनियमितता की शिकायत पर कार्रवाई चयनमुक्त की गई सेविकाओं में चिलौनी दक्षिण पंचायत की अफसाना खातुन, श्रीपुर पंचायत की सुमिधा देवी, स्वप्न सुधा देवी और रिणु कुमारी तथा गोविंदपुर पंचायत की ब्यूटी कुमारी शामिल हैं। आदेश की प्रतिलिपि संबंधित सेविकाओं, बाल विकास परियोजना कार्यालय प्रतापगंज, निदेशक आईसीडीएस बिहार पटना तथा कोशी प्रमंडल सहरसा के आयुक्त को भी भेजी गई है। DM सावन कुमार ने बताया कि कार्यो में लापरवाही व अनियमितता की शिकायत पर यह कार्रवाई की गई है।
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