अमेरिका-ईरान जंग खत्म करने और होर्मुज खोलने पर सहमत: ट्रम्प और खामेनेई की मंजूरी बाकी, अमेरिकी राष्ट्रपति बोले- कोई जल्दबाजी नहीं करेंगे
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तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन डीसी9 मिनट पहले
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अमेरिका और ईरान युद्ध को धीरे-धीरे खत्म करने और होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान की नाकाबंदी हटाने को लेकर सैद्धांतिक रूप में एक समझौते पर सहमत हो गए हैं। यह जानकारी एक सीनियर अमेरिकी अधिकारी ने दी है। हालांकि अभी भी कई संवेदनशील मुद्दों पर अंतिम फैसला बाकी है।
ईरान की तरफ से फिलहाल सार्वजनिक रूप से यह नहीं कहा गया है कि समझौता हो गया है। पिछले 24 घंटों में ईरानी अधिकारियों के बयानों में भी कुछ अंतर दिखाई दिया है।
अमेरिकी अधिकारी के मुताबिक समझौते पर अभी हस्ताक्षर नहीं हुए हैं और इसे अंतिम मंजूरी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और ईरान के सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई से मिलनी बाकी है। इसमें कुछ दिन लग सकते हैं।
अमेरिकी अधिकारी के अनुसार प्रस्तावित समझौते के तहत होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोला जाएगा। इसके बदले ईरान अपने एनरिच्ड यूरेनियम भंडार को खत्म करने पर सहमत होगा। हालांकि यह प्रक्रिया कैसे होगी, इस पर अभी बातचीत जारी है।
ट्रम्प चाहते हैं कि अमेरिका खुद इस संवर्धित सामग्री को अपने कब्जे में ले। ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर कहा कि उन्होंने अपने लोगों को समझौते में ‘जल्दबाजी न करने’ को कहा है।
पिछले 24 घंटे के 4 बड़े अपडेट्स…
1. अमेरिका-ईरान में समझौते पर दस्तखत नहीं: अमेरिका और ईरान के बीच समझौते पर दस्तखत नहीं हो सके। इससे पहले कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि रविवार को ही दोनों देश सीजफायर बढ़ाने और होर्मुज खोलने को लेकर समझौता कर सकते हैं।
2. ओमान के जरिए अमेरिका को मैसेज: ईरान ने ओमान के जरिए अपना मौखिक संदेश अमेरिका तक पहुंचाया। ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने कहा है कि उन्होंने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची का एक मैसेज ओमान के विदेश मंत्री तक पहुंचाया।
3. सुप्रीम लीडर की मंजूरी के बिना कोई फैसला नहीं: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने कहा कि ईरान में कोई भी बड़ा फैसला सुप्रीम लीडर की मंजूरी के बिना नहीं लिया जाएगा।
4. अमेरिका-ईरान समझौते से इजराइल चिंतित: अमेरिका और ईरान के बीच प्रस्तावित समझौते को लेकर इजराइल में चिंता बढ़ गई है। एक इजराइली अधिकारी ने कहा है कि इस समझौते से ईरान को यह मैसेज जाएगा कि वह होर्मुज का इस्तेमाल दबाव बनाने के हथियार की तरह कर सकता है।
ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
लाइव अपडेट्स
9 मिनट पहले
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ईरान जंग का असर- भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम इस महीने चौथी बार बढ़े
तेल कंपनियों ने आज 25 मई को पेट्रोल ₹2.61 प्रति लीटर और डीजल ₹2.71 प्रति लीटर महंगा कर दिया है। इस बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में अब एक लीटर पेट्रोल की कीमत ₹102.12 और डीजल की कीमत ₹95.20 हो गई है।
इस महीने चौथी बार बढ़ीं पेट्रोल और डीजल की कीमतें
ईंधन की कीमतों में इस महीने में यह चौथी बढ़ोतरी है…
- 25 मई को पेट्रोल ₹2.61 प्रति लीटर और डीजल ₹2.71 प्रति लीटर महंगा।
- 23 मई को पेट्रोल 87 पैसे, डीजल 91 पैसे महंगा किया गया था।
- 19 मई को पेट्रोल और डीजल के दामों में एवरेज 90 पैसे की बढ़ोतरी की गई थी।
- 15 मई को भी कीमतों में ₹3 प्रति लीटर का इजाफा किया गया था।
इस बढ़ोतरी की मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव है। ईरान और अमेरिका की जंग शुरू होने से पहले क्रूड ऑयल के दाम 70 डॉलर थे जो अब बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गए हैं।
क्रूड की कीमतें बढ़ने से तेल कंपनियां दबाव में थीं। इसलिए कंपनियों ने घाटे की भरपाई के लिए यह कदम उठाया है। अगर कच्चे तेल की कीमतों में लंबे समय तक तेजी बनी रहती है तो पेट्रोल-डीजल की कीमतें और भी बढ़ाई जा सकती हैं। पढ़ें पूरी खबर…

12 मिनट पहले
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अमेरिका बोला- हिजबुल्लाह लेबनान में शांति नहीं चाहता
अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने हिजबुल्लाह पर लेबनान में जानबूझकर तनाव और अस्थिरता फैलाने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि हिजबुल्लाह देश को फिर से हिंसा और परेशानी की तरफ ले जा रहा है।
मार्को रूबियो ने लेबनान की सरकार का समर्थन करते हुए कहा कि अमेरिका देश के पुनर्निर्माण, मदद और बेहतर भविष्य के लिए उसके साथ खडा है। लेबनान की सरकार शांति और विकास चाहती है, लेकिन हिजबुल्लाह हालात बिगाड रहा है।
वहीं हिजबुल्लाह के प्रमुख नईम कासिम ने लेबनान सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि सरकार ने ऐसे फैसले लिए हैं जिनसे प्रतिरोध को गलत ठहराया जा रहा है। सरकार ने हिजबुल्लाह से जुडे लोगों पर लगे अमेरिकी प्रतिबंधों का विरोध नहीं किया।
54 मिनट पहले
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नेतन्याहू बोले- ईरान को कभी परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देंगे
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अभी तक अमेरिका और ईरान के बीच उभर रहे संभावित समझौते पर सार्वजनिक रूप से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
हालांकि, उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी और ट्रम्प की एक AI से बनाई गई तस्वीर शेयर की। इसके साथ नेतन्याहू ने लिखा, “ईरान कभी भी परमाणु हथियार हासिल नहीं करेगा।”
नेतन्याहू लंबे समय से ईरान के परमाणु कार्यक्रम के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते रहे हैं। इजराइल लगातार दावा करता रहा है कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम उसके लिए बड़ा सुरक्षा खतरा है, जबकि ईरान हमेशा कहता आया है कि उसका परमाणु कार्यक्रम केवल शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है।
54 मिनट पहले
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ईरानी सांसद बोले- हमारी शर्तों के बिना अमेरिका से समझौता मंजूर नहीं
ईरान के सांसद महमूद नबावियन ने कहा है कि अगर अमेरिका के साथ होने वाले किसी समझौते में ईरान की मुख्य मांगें शामिल नहीं होतीं, तो वह समझौता ईरानी जनता की जीत को हार में बदल देगा।
नबावियन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि समझौते में कई अहम शर्तें शामिल होनी चाहिए। इनमें होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान की संप्रभुता, युद्ध हर्जाना, सभी प्रतिबंधों को हटाना, टोल वसूली का अधिकार, विदेशों में फंसी ईरानी रकम की रिहाई, क्षेत्र से अमेरिकी वापसी, यूरेनियम संवर्धन के अधिकार को स्वीकार करना और ईरान की तरफ से मांगी गई सुरक्षा गारंटी शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि अगर इन मांगों को शामिल किए बिना कोई समझौता किया जाता है, तो वह ईरान के लिए नुकसानदेह होगा।
55 मिनट पहले
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ओमान-ईरान के बीच होर्मुज खोलने को लेकर चर्चा
ओमान और ईरान के अधिकारियों के बीच रविवार को एक बैठक हुई, जिसमें होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही की आजादी को लेकर चर्चा की गई।
ओमान की सरकारी समाचार एजेंसी के मुताबिक दोनों पक्षों ने अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत समुद्री रास्तों पर आवाजाही के नियमों पर बातचीत की।
यह बैठक ऐसे समय हुई है जब होर्मुज स्ट्रेट को लेकर क्षेत्र में तनाव बना हुआ है और अमेरिका-ईरान वार्ता भी जारी है।
















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