Published On: Fri, May 8th, 2026

अमेरिका ने सीजफायर तोड़कर ईरान पर फिर बमबारी की: ट्रम्प बोले- डील नहीं की तो और हमले करेंगे; होर्मुज में 1500 जहाज फंसे

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तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन डीसी8 मिनट पहले

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अमेरिकी सेना ने ईरान पर फिर बमबारी की है। ईरान ने आरोप लगाया कि अमेरिका ने सीजफायर के बीच यह कार्रवाई की। दरअसल, अमेरिकी सेना ने ओमान की खाड़ी में ईरानी तेल टैंकरों को निशाना बनाया है। इसके बाद ईरान ने बिना किसी हिचकिचाहट के करारा जवाब देने की चेतावनी दी है।

ईरानी सरकारी मीडिया प्रेस TV के मुताबिक खातम अल-अंबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर के प्रवक्ता ने कहा कि अमेरिकी सेना ने जास्क के पास ईरानी समुद्री इलाके से होर्मुज स्ट्रेट की ओर जा रहे एक तेल टैंकर को निशाना बनाया।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को चेतावनी दी कि अगर तेहरान डील नहीं करता तो हम फिर हमले करेंगे। सोशल मीडिया पर पोस्ट कर ट्रम्प ने बताया कि ईरान ने अमेरिकी जंगी जहाजों पर हमला किया था।

इसके बाद दोनों देशों के बीच फायरिंग हुई, जिसमें हमने उन्हें बुरी तरह से तबाह कर दिया और उनकी कई छोटी नावों को डुबो दिया। हम उन्हें परमाणु हथियार रखने का अधिकार नहीं देंगे और वे इस बात पर सहमत हो गए हैं।

वहीं, संयुक्त राष्ट्र की समुद्री एजेंसी IMO के महासचिव आर्सेनियो डोमिंगेज ने कहा है कि होर्मुज संकट के कारण खाड़ी क्षेत्र में करीब 1500 जहाज फंस गए हैं। इन जहाजों के साथ लगभग 20 हजार चालक दल के सदस्य यानी नाविक भी फंसे हुए हैं।

पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स…

30 दिन के अस्थायी समझौते पर बातचीत: न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका और ईरान 30 दिन तक लड़ाई रोकने और होर्मुज स्ट्रेट खोलने के प्रस्ताव पर चर्चा कर रहे हैं। इसी दौरान स्थायी डील पर बातचीत जारी रहेगी।

ट्रम्प- अमेरिकी जहाजों पर हमला हुआ: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि होर्मुज से गुजर रहे अमेरिकी डेस्ट्रॉयर जहाजों पर मिसाइल और ड्रोन हमले हुए, लेकिन अमेरिकी सेना ने उन्हें मार गिराया और “ईरानी छोटी नावों को तबाह कर दिया।”

होर्मुज में करीब 1500 जहाज फंसे: संयुक्त राष्ट्र की समुद्री एजेंसी IMO के मुताबिक, होर्मुज संकट के कारण खाड़ी क्षेत्र में करीब 1500 जहाज फंसे हुए हैं। तेल, गैस और सप्लाई चेन पर असर बढ़ रहा है, जबकि सोमालिया जैसे देशों में खाद्य संकट और गहरा गया है।

इजराइल-हिजबुल्लाह संघर्ष फिर तेज: इजराइल ने दावा किया कि उसने हिजबुल्लाह की रदवान यूनिट के कमांडर अहमद बलूत समेत कई बड़े कमांडरों को बेरूत हमले में मार गिराया। जवाब में हिजबुल्लाह ने दक्षिणी लेबनान में इजराइली टैंक और सैन्य ठिकानों पर हमलों का दावा किया।

अमेरिका ने नए प्रतिबंध लगाए: अमेरिका ने ईरान से जुड़े नेटवर्क पर नए प्रतिबंध लगाए। इनमें इराक के डिप्टी ऑयल मिनिस्टर अली मारीज अल-बहादली और कई कंपनियां शामिल हैं। अमेरिका का आरोप है कि ये लोग तेल कारोबार के जरिए ईरान और उसके समर्थित समूहों की मदद कर रहे थे।

ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

लाइव अपडेट्स

9 मिनट पहले

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UAE में मिसाइल और ड्रोन खतरे का अलर्ट

ईरान लगातार UAE पर मिसाइल और ड्रोन से हमले कर रहा है। UAE की नेशनल इमरजेंसी क्राइसिस एंड डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी ने कहा है कि देश के एयर डिफेंस सिस्टम इस समय मिसाइल और ड्रोन खतरे का जवाब दे रहे हैं।

अथॉरिटी ने X पर जारी बयान में लोगों से सुरक्षित जगहों पर रहने और आधिकारिक अपडेट पर नजर बनाए रखने की अपील की है।

UAE के रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि देशभर में सुनाई दे रही आवाजें मिसाइल और ड्रोन के खिलाफ जारी एयर डिफेंस कार्रवाई की वजह से हैं।

02:43 AM8 मई 2026

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UAE ईरानी हमलों का रिकॉर्ड तैयार करेगा

UAE ने कहा है कि वह मध्य पूर्व युद्ध के दौरान ईरान की तरफ से हुए हमलों का पूरा रिकॉर्ड तैयार करने के लिए राष्ट्रीय कमेटी बनाएगा। सरकारी मीडिया के मुताबिक, यह कमेटी भविष्य में कानूनी कार्रवाई में मदद के लिए दस्तावेज तैयार करेगी।

सरकारी समाचार एजेंसी WAM ने बताया कि नई राष्ट्रीय कमेटी को ईरानी आक्रामकता से जुड़े सभी हमलों और सैन्य कार्रवाइयों की निगरानी और दस्तावेज तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है।

रिपोर्ट के मुताबिक, कमेटी की जांच और दस्तावेजीकरण का इस्तेमाल UAE राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कानूनी प्रयासों में करेगा। इसके तहत एक व्यापक रिकॉर्ड फाइल तैयार की जाएगी।

UAE का दावा है कि ईरान की तरफ से 2800 से ज्यादा ड्रोन और मिसाइल हमले किए गए। इन हमलों में प्रमुख इमारतें, एयरपोर्ट और ऊर्जा सुविधाएं निशाने पर रहीं।

रिपोर्ट के मुताबिक, खाड़ी देशों में UAE सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ।

02:30 AM8 मई 2026

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ईरान-अमेरिका के बीच 30 दिन के समझौते पर चर्चा

ईरान और अमेरिका के बीच एक अस्थायी समझौते पर बातचीत चल रही है। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों देश 30 दिन तक संघर्ष रोकने और होर्मुज स्ट्रेट को व्यावसायिक जहाजों के लिए फिर से खोलने के प्रस्ताव पर चर्चा कर रहे हैं।

रिपोर्ट में तीन सीनियर ईरानी अधिकारियों के हवाले से कहा गया है कि यह एक पेज का प्रारंभिक फ्रेमवर्क है। इसके तहत दोनों पक्ष 30 दिन तक सैन्य कार्रवाई रोकेंगे और इसी दौरान स्थायी समझौते पर बातचीत जारी रखेंगे।

रिपोर्ट के अनुसार, बातचीत में सबसे बड़ा विवाद ईरान के परमाणु कार्यक्रम और उच्च स्तर पर एनरिच्ड यूरेनियम के भंडार को लेकर है। अमेरिकी पक्ष चाहता है कि ईरान पहले ही इस पर स्पष्ट प्रतिबद्धता दे।

ईरानी अधिकारियों ने दावा किया कि अमेरिकी वार्ताकार चाहते हैं कि ईरान अपना एनरिच्ड यूरेनियम अमेरिका को सौंप दे, तीन परमाणु सुविधाएं बंद करे और 20 साल तक यूरेनियम डेवलपमेंट रोक दे।

वहीं, ईरान ने प्रस्ताव दिया है कि वह अपने यूरेनियम भंडार का कुछ हिस्सा कमजोर करेगा और बाकी किसी तीसरे देश, संभवतः रूस को सौंप देगा। ईरान ने 10 से 15 साल तक यूरेनियम संवर्धन रोकने की बात कही है। हालांकि, तीन परमाणु सुविधाओं के भविष्य पर अभी सहमति नहीं बनी है।

02:27 AM8 मई 2026

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ट्रम्प बोले- हम ईरान के साथ बातचीत कर रहे

ईरान के मुद्दे पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा ‘हम ईरान के साथ बातचीत कर रहे हैं। आज हमने अपने 3 डिस्ट्रॉयर (जंगी जहाज) लिए और उन्हें कुछ बहुत बड़ी चीजों के बीच से गुजारा, लेकिन डिस्ट्रॉयर्स को किसी भी तरह का कोई नुकसान नहीं हुआ।’

‘हमने उन्हें बुरी तरह से तबाह कर दिया और उनकी कई छोटी नावों को डुबो दिया। हम उन्हें परमाणु हथियार रखने का अधिकार नहीं देंगे और वे इस बात पर सहमत हो गए हैं। अब देखते हैं कि क्या वे इस पर दस्तखत करने को तैयार हैं।’

02:00 AM8 मई 2026

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ट्रम्प बोले- अमेरिकी जहाजों पर हमला, तीनों सुरक्षित निकले

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे अमेरिका के तीन डेस्ट्रॉयर जहाजों पर हमला हुआ। ट्रम्प ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि तीनों अमेरिकी युद्धपोत फायरिंग के बीच सफलतापूर्वक स्ट्रेट पार कर गए।

ट्रम्प ने आगे कहा कि हमले के दौरान ईरान की तरफ से मिसाइलें दागी गईं, जिन्हें आसानी से मार गिराया गया। ड्रोन भी हवा में ही नष्ट कर दिए गए।

हालांकि, ट्रम्प ने यह नहीं बताया कि हमला कब हुआ और किस जगह से मिसाइल या ड्रोन दागे गए। ईरान की तरफ से भी अभी तक इस दावे पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

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