5 दिग्गज बिजनेस लीडर्स से जानें, नौकरी से क्या सीखा: कोई भी काम छोटा नहीं; कभी आइसक्रीम बेचने वाला आज गोल्डमैन सैक्स का सीईओ
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हर बड़े लीडर की शुरुआत किसी छोटे काम से ही होती है। महत्वपूर्ण बात ये है कि आप अपने शुरुआती कामों से क्या सीख हासिल करते हैं। अगर दुनिया के कुछ सफल बिजनेस लीडर्स की बात करें तो उन्होंने भी अपनी शुरुआत छोटी-मोटी नौकरी से की। इनमें आइसक्रीम बेचने से लेकर गोल्फ कार्ट साफ करने तक के काम शामिल हैं। लेकिन इन्हीं अनुभवों ने उन्हें वो स्किल्स सिखाईं, जो आगे चलकर उनकी लीडरशिप की पहचान बनीं। आइए जानते हैं ऐसे ही 5 बड़े बॉसेज की पहली नौकरी से मिली सीख.. अपने काम पर फोकस रखें, हमेशा सतर्क रहें
डेविड सोलोमन 2018 से दुनिया के कुछ सबसे बड़े निवेश बैंकों में शुमार गोल्डमैन सैक्स ग्रुप इंक. के सीईओ हैं। वे 1999 से वहीं कार्यरत हैं; फिर भी, उन्हें न्यूयॉर्क के वेस्टचेस्टर काउंटी में अपनी पहली नौकरी की यादें आज भी ताजा हैं। डेविड कहते हैं, ‘मैंने 15 साल की उम्र में बास्किन-रॉबिन्स में काम शुरू किया और कॉलेज तक वहीं काम करता रहा।’ डेविड के मुताबिक, ‘जब आप ग्राहक-केंद्रित रिटेल में काम करते हैं, तो आप काम पर फोकस करने और सतर्क रहने का महत्व सीखते हैं। काम के लक्ष्य निर्धारित करें, अनुशासित रहें एंड्रयू मैकडोनाल्ड की पहली नौकरी टोरंटो में एक नौ-होल गोल्फ कोर्स में थी। समय बिताने के लिए उन्होंने अपने दिमाग में छोटे-छोटे खेल बना लिए। इस काम ने उन्हें सिखाया कि लक्ष्य निर्धारित करने से नियमित काम भी सार्थक लगने लगता है। इसने उन्हें अनुशासन भी सिखाया। काम पसंद हो, तो कड़ी मेहनत थकाती नहीं
कैटेरिना श्नाइडर की पहली नौकरी लेहमन ब्रदर्स में थी, जो इतिहास का सबसे बड़ा दिवालिया बैंक था। यहां काम करते हुए उन्होंने सीखा कि अगर आप ऐसा काम करते हैं जो आपको रुचिकर और संतुष्टिदायक लगता है, तो आप बिना थके लंबे समय तक कड़ी मेहनत कर सकते हैं। आपके हर खर्च का औचित्य होना चाहिए
करियर की शुरुआत में, कैथी ओ’ब्रायन इलेक्ट्रा रिकॉर्ड्स में मार्केटिंग की प्रमुख थीं। एक दिन मुख्य वित्तीय अधिकारी ने उन्हें बुलाया और कहा कि हमेशा अपने खर्च का हिसाब रखना।’ उस नौकरी में उन्होंने जरूरी और गैर-जरूरी खर्च का महत्व और हर खर्च का औचित्य समझना सीखा। टीम के रूप में काम करना महत्वपूर्ण, अपनी छोटी कमाई का भी आनंद लें
सिमोज की पहली नौकरी 15 साल की उम्र में एक अकाउंटेंसी फर्म ऑफिस में लगी। यहां उन्हें वित्तीय रिपोर्टों को वर्णमाला क्रम में व्यवस्थित करना होता था। इसने कम उम्र में ही कार्य में नैतिकता का महत्व सिखाया।
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