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विवि के परीक्षा नियंत्रक प्रो. श्याम लाल कौशल की ओर से जारी किए गए निर्देशों में साफ कहा गया है कि हर छात्र के सीसीए और इंटरनल असेसमेंट की ऑनलाइन एंट्री और प्राचार्य से उसकी वेरिफिकेशन के बाद ही परीक्षा के सॉफ्टवेयर में विद्यार्थी का एडमिट कार्ड जनरेट हो पाएगा।
एचपीयू शिमला। – फोटो : संवाद
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एचपीयू की पीजी डिग्री, डिप्लोमा कोर्स की 18 नवंबर से परिसर आधारित कोर्स और प्रदेश भर में 25 नवंबर से शुरू हो रही पीजी कोर्स की परीक्षाओं में बैठने वाले विद्यार्थी इंटरनल असेसमेंट और सीसीए के अंक एंट्र करने और कॉलेज से उसकी वेरिफिकेशन होने पर ही एडमिट कार्ड ऑनलाइन जनरेट कर डाउनलोड कर पाएंगे। अवार्ड एंट्री और वेरिफिकेशन न होने पर विद्यार्थी को परीक्षा से वंचित रहना पड़ेगा। विवि ने सभी कॉलेजों के प्राचार्यों और संस्थानों के निदेशकों से परीक्षा शुरू होने से चार दिन पहले हर हाल में हर विद्यार्थी के हर विषय के (आईए) इंटरनल असेसमेंट आंतरिक मूल्यांकन और सीसीए के अंकों की एंट्री और वेरिफिकेशन करने के निर्देश दिए हैं। संस्थान प्रमुख को इस एंट्री और वेरिफिकेशन के कार्य को nexams.hpushimla.in पोर्टल के माध्यम से करना होगा।
विवि के परीक्षा नियंत्रक प्रो. श्याम लाल कौशल की ओर से जारी किए गए निर्देशों में साफ कहा गया है कि हर छात्र के सीसीए और इंटरनल असेसमेंट की ऑनलाइन एंट्री और प्राचार्य से उसकी वेरिफिकेशन के बाद ही परीक्षा के सॉफ्टवेयर में विद्यार्थी का एडमिट कार्ड जनरेट हो पाएगा। इसलिए कॉलेजों को परीक्षा शुरू होने के चार दिन पहले हर हाल में यह कार्य पूरा करना होगा। उन्होंने कहा कि आईए और सीसीए अवार्ड में हर विषय के प्रैक्टिकल, प्रोजेक्ट रिपोर्ट आदि की एंट्री की जानी है। इसके बाद इसे कॉलेज प्राचार्य ऑनलाइन ही सत्यापित करेंगे। यह सॉफ्टवेयर की आवश्यकता है। अब परीक्षा फार्म और रोलनंबर जनरेट करने की प्रक्रिया ऑनलाइन हो चुकी है। अवार्ड एंट्री और वेरिफिकेशन समय से न होने पर विद्यार्थी के एडमिट कार्ड जनरेट न होने के लिए संबंधित कॉलेज जिम्मेवार होगा। 18 हजार से अधिक विद्यार्थी 46 केंद्रों में पीजी की परीक्षा देंगे।