Hp Cm Sukhu Meeting With Union Minister Manohar Lal Khattar At Himachal Bhawan Chandigarh – Amar Ujala Hindi News Live – Himachal Cm:चंडीगढ़ में सीएम सुक्खू बोले
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![Himachal CM: चंडीगढ़ में सीएम सुक्खू बोले- अमृत योजना में पहाड़ी राज्यों के लिए मापदंडों में मिले ढील HP CM Sukhu meeting with Union Minister Manohar Lal Khattar at Himachal Bhawan Chandigarh](https://staticimg.amarujala.com/assets/images/2024/07/19/makhayamatara-sakakha-cadaga-ma-katharaya-matara-manahara-ll-ka-satha-aayajata-bthaka-ma-bhaga-lta-hae_53566ca4252c833c32711a653f3b7e10.jpeg?w=414&dpr=1.0)
मुख्यमंत्री सुक्खू चंडीगढ़ में केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल के साथ आयोजित बैठक में भाग लेते हुए।
– फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
विस्तार
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने केंद्र सरकार से हिमाचल जैसे कठिन भौगोलिक पहाड़ी राज्यों को अटल नवीकरण एवं शहरी परिवहन मिशन (अमृत) के अंतर्गत परियोजनाओं को मंजूरी देने के लिए मापदंडों में ढील देने का आग्रह किया है। योजना के तहत परियोजनाएं जनसंख्या के आधार पर स्वीकृत की जाती हैं, लेकिन जनसंख्या आधारित मापदंड हिमाचल प्रदेश जैसे राज्य के लिए सही नहीं है। शुक्रवार को मुख्यमंत्री ने हिमाचल भवन चंडीगढ़ में केंद्रीय आवास एवं शहरी मामले मंत्री मनोहर लाल खट्टर के साथ बैठक के दौरान यह मामला उठाया।
सीएम ने कहा कि 15वें वित्त आयोग की सिफारिशों की भी समय-समय पर समीक्षा हो, क्योंकि परियोजनाओं की लागत बढ़ती रहती है। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत हिमाचल प्रदेश सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्यों में से एक है। योजना-1 के अंतर्गत धनराशि का पूर्ण उपयोग होने के उपरांत योजना-2 के लिए धनराशि प्राप्त होगी। सुक्खू ने कहा कि प्रदेश में प्लास्टिक पर प्रतिबंध के ठोस परिणाम सामने आ रहे हैं। पंचायतों और गैर-सरकारी संगठनों ने प्लास्टिक उपयोग से मानव जीवन पर पड़ने वाले हानिकारक प्रभावों के बारे में जागरुकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। विकास कार्यों को गति देने के लिए उन्होंने केंद्र से टेंडर नीति प्रणाली में संशोधन कर टेंडर अवधि को 60 से घटाकर 10 दिन करने का आग्रह किया।
केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय से स्पीति जैसे सीमावर्ती क्षेत्रों में बर्फबारी और प्रतिकूल मौसम के कारण होने वाली कठिनाइयों को कम करने के लिए बैटरी बैकअप के साथ एक मेगावाट सौर प्रणाली की अनुमति देने का आग्रह किया। इन क्षेत्रों में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए 362 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। प्रदेश के स्वच्छ शहरों को सफाई मित्र सुरक्षित शहर घोषित कर स्वच्छता प्रयासों को बढ़ाने के लिए केंद्र से अतिरिक्त राशि जारी करने की भी गुहार लगाई। केंद्रीय मंत्री ने हिमाचल के प्रदर्शन की प्रशंसा की और केंद्र सरकार से पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।
केंद्रीय मंत्री ने दिया बिजली उत्पादन बढ़ाने का सुझाव
ऊर्जा मंत्रालय के कार्यों की समीक्षा करते हुए केंद्रीय मंत्री ने राज्य को बिजली उत्पादन बढ़ाने का सुझाव दिया, क्योंकि राज्य में जल स्रोत ज्यादा हैं। उन्होंने कहा कि जल विद्युत ऊर्जा का दोहन करने के लिए बहते पानी का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करें।