Published On: Thu, Apr 30th, 2026

ईरान बोला-होर्मुज से भारतीय जहाजों के गुजरने पर रोक नहीं: 10 हजार भारतीयों की सुरक्षा प्राथमिकता, चाबहार रेलवे लाइन का 90% काम पूरा

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तेहरान/वॉशिंगटन डीसी9 दिन पहले

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इनसेट में ईरानी सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई की तस्वीर। - Dainik Bhaskar

इनसेट में ईरानी सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई की तस्वीर।

भारत में ईरान के राजदूत डॉ. मोहम्मद फतहाली ने कहा है कि संघर्ष के बावजूद ईरान होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही तय कर रहा है। उन्होंने कहा कि भारत सहित सभी दोस्त देशों के जहाजों पर किसी तरह की रोक नहीं है।

एक इंटरव्यू में फतहाली ने कहा कि जो देश ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजराइल की कार्रवाई में शामिल नहीं हैं, उनके जहाज सामान्य तरीके से होर्मुज से गुजर सकते हैं। कई भारतीय जहाज इस रास्ते से गुजर भी चुके हैं।

उन्होंने चाबहार पोर्ट को रीजनल कनेक्टिविटी के लिहाज से बेहद अहम बताते हुए कहा कि यह परियोजना लगातार आगे बढ़ रही है और कभी रुकी नहीं है। फतहाली के मुताबिक चाबहार-जोहेदान रेलवे लाइन का लगभग 90% काम पूरा हो चुका है और जल्द ही रेल लाइन बिछाने का काम खत्म हो जाएगा।

फतहाली ने यह भी कहा कि ईरान में रहने वाले करीब 10 हजार भारतीय नागरिकों की सुरक्षा तय करना सरकार की प्राथमिकता है। ईरान भारतीयों और अपने नागरिकों में कोई भेदभाव नहीं करता है।

तेहरान की सड़कों पर सरकार के समर्थन में सैकड़ों लोग उतरे। एक महिला अली और मुजतबा खामेनेई की तस्वीर दिखा रही है।

तेहरान की सड़कों पर सरकार के समर्थन में सैकड़ों लोग उतरे। एक महिला अली और मुजतबा खामेनेई की तस्वीर दिखा रही है।

पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स…

1. जंग में अमेरिका के $25 अरब खर्च: अमेरिका ईरान युद्ध पर पिछले 2 महीने में अब तक 25 अरब डॉलर खर्च कर चुका है। अमेरिका ने पहली बार जंग में हुए खर्च की जानकारी दी है।

2. ट्रम्प ने राइफल के साथ फोटो शेयर की: ट्रम्प ने राइफल के साथ फोटो पोस्ट कर ईरान को चेतावनी दी। फोटो पर लिखा था- नो मोर मिस्टर नाइस गाइ (मैं नरमी नहीं बरतूंगा)।

3. ईरान ने UN में अमेरिका की शिकायत की: ईरान ने संयुक्त राष्ट्र में शिकायत कर अमेरिका पर जहाज जब्त करने और 38 लाख बैरल तेल कब्जाने का आरोप लगाया।

4. लेबनान में 12 लाख लोगों पर भुखमरी का खतरा: UN से जुड़ी रिपोर्ट में कहा गया कि युद्ध, विस्थापन और आर्थिक दबाव के कारण लेबनान में 12 लाख से ज्यादा लोग खाद्य संकट झेल सकते हैं।

5. भारत-ईरान विदेश मंत्रियों की फोन पर बातचीत: विदेश मंत्री एस. जयशंकर और ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने युद्धविराम, द्विपक्षीय रिश्तों और क्षेत्रीय हालात पर फोन पर चर्चा की।

ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग गुजर जाइए…

अपडेट्स

10:57 PM30 अप्रैल 2026

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हिज्बुल्लाह के दक्षिणी लेबनान में इजराइली सैनिकों पर कई हमले

लेबनानी सशस्त्र समूह हिजबुल्लाह का कहना है कि उसके लड़ाकों ने गुरुवार को लेबनानी क्षेत्र के अंदर इजराइली सेना पर कई हमले किए हैं।

10:16 PM30 अप्रैल 2026

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अमेरिका ने नेतन्याहू और लेबनान के बीच सीधी बातचीत के लिए दबाव डाला

बेरुत स्थित अमेरिकी दूतावास ने एक बयान जारी कर लेबनान और इजरायल के बीच “सीधी बातचीत” का आह्वान किया है, जिसमें दोनों देशों के नेताओं के बीच एक बैठक भी शामिल है।

अमेरिकी दूतावास ने कहा कि इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और लेबनानी राष्ट्रपति जोसेफ औन के बीच इस तरह की बैठक से लेबनान को पूर्ण संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता, सुरक्षित सीमाओं, मानवीय और पुनर्निर्माण सहायता और अपने क्षेत्र के हर इंच पर लेबनानी राज्य के अधिकार की पूर्ण बहाली पर गारंटी हासिल करने का मौका मिलेगा। जिसकी गारंटी संयुक्त राज्य अमेरिका देगा।

अमेरिकी दूतावास ने आगे कहा, “संयुक्त राज्य अमेरिका लेबनान के साथ खड़ा रहने के लिए तैयार है क्योंकि वह इस मौके को आत्मविश्वास और बुद्धिमत्ता के साथ भुना रहा है। अब संकोच का समय खत्म हो गया है।”

इससे पहले रॉयटर्स ने कई लेबनानी अधिकारियों का हवाला देते हुए बताया था कि औन ने नेतन्याहू से बात करने से इनकार कर दिया था।

लेबनान के प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने भी कहा है कि देश इजराइल के साथ किसी भी ऐसे समझौते पर हस्ताक्षर नहीं करेगा जिसमें इजराइल की लेबनानी क्षेत्र से पूर्ण वापसी शामिल न हो।

09:46 PM30 अप्रैल 2026

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दक्षिणी लेबनान में इजराइली एयर स्ट्राइक में महिला की मौत

नेशनल न्यूज एजेंसी (NNA) की रिपोर्ट है कि दक्षिणी लेबनान के नबातिह ज़िले के हारौफ शहर को निशाना बनाकर किए गए इज़राइली एयर स्ट्राइक में एक महिला की मौत हो गई।

इस स्ट्राइक में एक बच्चे समेत तीन लोग घायल भी हुए। NNA के मुताबिक, आज पूरे लेबनान में इजराइली हमलों में मरने वालों की कुल संख्या 32 हो गई है।

09:17 PM30 अप्रैल 2026

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UAE ने अपने नागरिकों से ईरान, लेबनान और इराक छोड़ने कहा

संयुक्त अरब अमीरात ने अपने नागरिकों के ईरान, लेबनान और इराक की यात्रा पर प्रतिबंध लगा दिया है।

देश के विदेश मंत्रालय ने आज जारी की गई घोषणा में क्षेत्रीय घटनाक्रमों का हवाला देते हुए उन देशों में रहने वाले या वर्तमान में यात्रा कर रहे अमीरातियों से तुरंत देश छोड़ने और घर लौटने का आग्रह किया गया है।

08:41 PM30 अप्रैल 2026

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ट्रम्प का दावा- ईरान समझौता करने के लिए बेताब है

ट्रम्प का कहना है कि ईरान वार्ता की स्थिति के बारे में केवल कुछ ही लोगों को पता है। मुझे लगता है कि ईरान के बारे में सबसे चौंकाने वाली बात शायद यह है कि जब उनसे वार्ता के ठप होने के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा: ‘आपको यह नहीं पता। वार्ता की स्थिति के बारे में केवल कुछ ही लोगों को पता है। उन लोगों में मेरे अलावा कुछ और लोग हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि ईरान समझौता करने के लिए बेताब है। पिछले छह हफ्तों में कई बार हमने प्रशासन से सुना है कि ईरान सार्वजनिक रूप से जो कहता है, वह निजी तौर पर अमेरिकियों से नहीं कहता। ट्रम्प ने आज फिर इस ओर इशारा करते हुए कहा कि ईरान नाकाबंदी के कारण संघर्ष कर रहा है। इस व्यवस्था को बरकरार रख सकते हैं और तेहरान एक समझौते की तलाश में है।

07:50 PM30 अप्रैल 2026

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ईरान ने गाजा में मदद के लिए भेजे जहाज जब्त करने पर इजरायल की निंदा की

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने इजरायल पर गाजा जा रहे ग्लोबल सुमुद फ्लोटिला में सवार कार्यकर्ताओं को रोककर हिरासत में लेने का आरोप लगाया है और कहा है कि इजरायल ने समुद्री डकैती का काम किया है।

ईरान के आईआरआईबी प्रसारक द्वारा प्रसारित टिप्पणियों में, बगाई ने कहा कि जलयान पर इजरायल का हमला मानवता की जागृत अंतरात्मा पर एक आघात है।

उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस नौसैनिक बेड़े का समर्थन करने और हिरासत में लिए गए कार्यकर्ताओं की रिहाई के लिए दबाव बनाने का आग्रह किया।

07:35 PM30 अप्रैल 2026

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ट्रम्प बोले- ईरान जंग खत्म होने के बाद गैस की कीमतें गिर जाएंगी

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि ईरान के साथ युद्ध समाप्त होने के बाद पेट्रोल की कीमतें गिर जाएंगी।

ट्रम्प ने यह भी कहा कि इस साल उत्तरी अमेरिका में होने वाले फीफा विश्व कप में ईरान के भाग लेने से उन्हें कोई आपत्ति नहीं है।

05:31 PM30 अप्रैल 2026

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इजराइल को 24 घंटों 6,500 टन मिलिट्री इक्विपमेंट मिले

इजराइल के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया है कि पिछले 24 घंटों में देश को करीब 6,500 टन सैन्य उपकरण और गोला-बारूद मिला है। इसमें हवाई और जमीनी लड़ाई में इस्तेमाल होने वाले हथियार शामिल हैं।

मंत्रालय के मुताबिक, यह सारा सामान दो जहाजों और कई कार्गो विमानों के जरिए इजराइल लाया गया। इसके बाद इसे देशभर के अलग-अलग सैन्य ठिकानों तक पहुंचाया गया।

05:26 PM30 अप्रैल 2026

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इजराइली मंत्री बोले- ईरान पर फिर हमला कर सकते हैं

इजराइल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने कहा कि उनका देश एक बार फिर ईरान के खिलाफ कार्रवाई कर सकता है। उन्होंने कहा कि इजराइल यह तय करना चाहता है कि ईरान भविष्य में उसके लिए खतरा न बने।

एक सैन्य कार्यक्रम के दौरान काट्ज ने कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प, इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ मिलकर इस अभियान को आगे बढ़ा रहे हैं।

काट्ज ने कहा कि इजराइल इस कोशिश का समर्थन कर रहा है और जरूरी मदद भी दे रहा है। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि अगर जरूरत पड़ी तो इजराइल जल्द ही फिर से कार्रवाई कर सकता है, ताकि अपने लक्ष्यों को हासिल किया जा सके।

05:21 PM30 अप्रैल 2026

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हिजबुल्लाह इजराइल पर खास तरह के ड्रोन से हमला कर रहा

लेबनान के उग्रवादी संगठन हिजबुल्लाह ने इजराइल के खिलाफ खास ड्रोन इस्तेमाल कर रहा है, जो इजराइल की इलेक्ट्रॉनिक सुरक्षा व्यवस्था को आसानी से धोखा दे सकते हैं।

जानकारी के मुताबिक, ये ड्रोन सामान्य ड्रोन से अलग होते हैं। इन्हें कंट्रोल करने के लिए रेडियो सिग्नल की बजाय एक बहुत पतली फाइबर-ऑप्टिक तार का इस्तेमाल किया जाता है। यही वजह है कि इन्हें आम ड्रोन की तरह जैम करना मुश्किल होता है। ये ड्रोन जमीन के काफी करीब उड़ते हैं, जिससे रडार और निगरानी सिस्टम के लिए इन्हें पकड़ पाना आसान नहीं होता।

एक्सपर्ट्स का मानना है कि छोटे आकार के बावजूद ये ड्रोन काफी खतरनाक साबित हो सकते हैं। रॉबर्ट टोलास्ट, जो रॉयल यूनाइटेड सर्विसेज इंस्टीट्यूट (RUSI) से जुड़े हैं, उन्होंने कहा कि अगर इनका सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए, तो ये बेहद घातक साबित हो सकते हैं।

इस तरह की तकनीक पहले यूक्रेन के युद्ध में भी देखी जा चुकी है, जहां ऐसे ड्रोन को रोकना काफी मुश्किल रहा है। अब यही तरीका इजराइल-लेबनान सीमा पर भी अपनाया जा रहा है।

05:15 PM30 अप्रैल 2026

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ईरान बोला- सुप्रीम लीडर पूरी तरह स्वस्थ हैं

ईरान के सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई की सेहत को लेकर चल रही खबरों को ईरान में भारत के राजदूत फतहाली ने पूरी तरह गलत बताया। उन्होंने कहा कि सुप्रीम लीडर स्वस्थ हैं और मौजूदा हालात पर करीबी नजर रखे हुए हैं। उन्होंने इन खबरों को लोगों का मनोबल गिराने की कोशिश बताया।

05:05 PM30 अप्रैल 2026

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ट्रम्प बोले- जर्मनी ईरान जंग में दखलंदाजी बंद करे

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्त्ज को कड़ा संदेश देते हुए कहा है कि वे ईरान के मामलों में दखल देना बंद करें और अपना ध्यान रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म कराने पर लगाएं।

ट्रम्प ने यह बयान सोशल मीडिया पर दिया और इस हफ्ते में दूसरी बार मर्त्ज की आलोचना की। इससे एक दिन पहले ही उन्होंने संकेत दिया था कि जर्मनी में तैनात हजारों अमेरिकी सैनिकों को वापस बुलाया जा सकता है।

ट्रम्प ने अपने पोस्ट में लिखा कि जर्मनी के चांसलर को रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म करने पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए, जहां वे पूरी तरह नाकाम रहे हैं और अपने देश की समस्याओं खासकर इमिग्रेशन और ऊर्जा को सुधारना चाहिए।

उन्होंने आगे कहा कि मर्त्ज को ईरान के न्यूक्लियर खतरे को खत्म करने की कोशिशों में दखल देने में कम समय लगाना चाहिए, जिससे जर्मनी समेत पूरी दुनिया ज्यादा सुरक्षित बन सके।

ट्रम्प की नाराजगी की वजह मर्त्ज का हालिया बयान बताया जा रहा है। मर्त्ज ने सोमवार को कहा था कि ईरान, अमेरिका के साथ चल रही बातचीत में वॉशिंगटन को शर्मिंदा कर रहा है।

04:43 PM30 अप्रैल 2026

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UN प्रमुख बोले- ईरान जंग की भरपाई में महीने लगेंगे

संयुक्त राष्ट्र (UN) के प्रमुख एंटोनियो गुटेरेस ने कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट में चल रही रुकावटों की वजह से दुनिया की अर्थव्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही है।

उन्होंने कहा कि यह स्थिति ग्लोबल इकॉनमी को घुटने पर मजबूर कर रही है। गुटेरेस ने चेतावनी दी कि अगर हालात अच्छे भी हो जाएं, तब भी नुकसान जल्दी ठीक नहीं होगा।

उनके मुताबिक, अगर आज ही सभी रुकावटें हटा दी जाएं, तब भी सप्लाई चेन को ठीक होने में कई महीने लगेंगे, इस दौरान चीजें महंगी रहेंगी और अर्थव्यवस्था की रफ्तार धीमी रहेगी।

संयुक्त राष्ट्र (UN) प्रमुख एंटोनियो गुटेरेस।

संयुक्त राष्ट्र (UN) प्रमुख एंटोनियो गुटेरेस।

04:43 PM30 अप्रैल 2026

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ईरान बोला- जंग ने हमें और मजबूत और एकजुट बनाया

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के उस दावे को खारिज करते हुए कि ईरान कमजोर हो रहा है, भारत में ईरानी राजदूत फतहाली ने कहा कि ऐसे बयान वास्तविकता से परे हैं। उन्होंने कहा कि कुछ दिनों या हफ्तों में बदलाव जैसी बातें बेफिजूल हैं और हालिया संघर्ष ने ईरान को और ज्यादा मजबूत और एकजुट बनाया है।

उन्होंने यह भी कहा कि ईरान लंबे समय तक अस्थिरता की स्थिति के लिए तैयार है और अलग-अलग परिस्थितियों से निपटने के लिए कदम उठा चुका है।

राजदूत ने कहा कि ईरान किसी भी ऐसी मध्यस्थता का स्वागत करता है, जिससे क्षेत्र में तनाव कम हो सके, चाहे पहल किसी भी देश जैसे पाकिस्तान की ओर से हो। उन्होंने कहा कि बातचीत का स्थान महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि यह जरूरी है कि वार्ता ईरान के राष्ट्रीय हितों और उसके लोगों के अधिकारों के आधार पर हो।

उन्होंने दोहराया कि ईरान के लिए अमेरिका ही मुख्य बातचीत का पक्ष है और उसी के साथ मुद्दों का समाधान संभव है।

03:57 PM30 अप्रैल 2026

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उत्तरी इजराइल में लेबनान का ड्रोन हमला, 12 सैनिक घायल

उत्तरी इजराइल के शोमेरा इलाके में हुए ड्रोन हमले में 12 इजराइली सैनिक घायल हो गए हैं। इजराइली मीडिया के मुताबिक, यह हमला लेबनान के उग्रवादी संगठन हिजबुल्लाह ने किया था। इससे पहले खबर आई थी कि ड्रोन हमले में इजरायली सेना के एक बख्तरबंद (आर्मर्ड) वाहन को निशाना बनाया गया था।

03:31 PM30 अप्रैल 2026

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ईरानी राजदूत ने कहा- हम भारतीयों और अपने नागरिकों में भेदभाव नहीं करते

भारत में ईरान के राजदूत डॉ. मोहम्मद फतहाली ने कहा कि ईरान में रहने वाले करीब 10 हजार भारतीय नागरिकों की सुरक्षा तय करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि ईरान भारतीयों और अपने नागरिकों में कोई भेदभाव नहीं करता और सभी धर्मों को पूरी आजादी दी जाती है।

उन्होंने खास तौर से सिख समुदाय का जिक्र करते हुए कहा कि वे अपने धार्मिक स्थलों, जैसे तेहरान के गुरुद्वारों में पूरी आजादी के साथ पूजा-अर्चना कर सकते हैं।

03:11 PM30 अप्रैल 2026

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ईरान बोला- होर्मुज से भारतीय जहाजों के गुजरने पर रोक नहीं

भारत में ईरान के राजदूत डॉ. मोहम्मद फतहाली ने कहा है कि संघर्ष के बावजूद ईरान होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही तय कर रहा है। उन्होंने कहा कि भारत सहित सभी दोस्त देशों के जहाजों पर किसी तरह की रोक नहीं है।

एक इंटरव्यू में फतहाली ने कहा कि जो देश ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजराइल की कार्रवाई में शामिल नहीं हैं, उनके जहाज सामान्य तरीके से होर्मुज से गुजर सकते हैं। कई भारतीय जहाज इस रास्ते से गुजर भी चुके हैं। हालांकि, सभी जहाजों को तय अंतरराष्ट्रीय नेविगेशन नियमों का पालन करना जरूरी है।

उन्होंने चाबहार पोर्ट को रीजनल कनेक्टिविटी के लिहाज से बेहद अहम बताते हुए कहा कि यह परियोजना लगातार आगे बढ़ रही है और कभी रुकी नहीं है। फतहाली के मुताबिक चाबहार-ज़ाहेदान रेलवे लाइन का लगभग 90% काम पूरा हो चुका है और जल्द ही रेल लाइन बिछाने का काम खत्म हो जाएगा।

इस रेल लिंक के पूरा होने के बाद चाबहार पोर्ट सीधे ईरान के राष्ट्रीय रेल नेटवर्क से जुड़ जाएगा। इसके अलावा, पोर्ट के आसपास अस्पताल और होटल जैसी फैसिलिटी का निर्माण भी जारी है, जिन्हें 2026 के आखिर तक पूरा करने का टारगेट है।

02:36 PM30 अप्रैल 2026

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जर्मनी बोला- अमेरिका से दोस्ती बहुत जरूरी

जर्मनी के चांसलर फेडरिक मर्त्ज ने कहा है कि अमेरिका के साथ उनका रिश्ता बहुत खास और जरूरी है। उन्होंने कहा कि NATO और अमेरिका के साथ साझेदारी जर्मनी के लिए बहुत मायने रखती है और यह उनके दिल के बहुत करीब है।

यह बयान ऐसे समय आया है जब ट्रम्प ने कहा है कि वे जर्मनी में मौजूद अमेरिकी सैनिकों की संख्या कम करने का सोच रहे हैं। ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर लिखा कि इस बारे में समीक्षा चल रही है।

इससे पहले दोनों नेताओं के बीच थोड़ी नोकझोंक भी हुई थी। जर्मनी के चांसलर ने कहा था कि ईरान के साथ बातचीत में अमेरिका कमजोर दिख रहा है, जिस पर ट्रम्प नाराज हो गए थे।

डोनाल्ड ट्रम्प के साथ जर्मन चांसलर फेडरिक मर्त्ज की फाइल फोटो।

डोनाल्ड ट्रम्प के साथ जर्मन चांसलर फेडरिक मर्त्ज की फाइल फोटो।

02:26 PM30 अप्रैल 2026

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एक्सपर्ट बोले- ईरान जंग पर अमेरिका ने 1 ट्रिलियन डॉलर खर्च किए

ईरान के साथ चल रहे युद्ध के खर्च को लेकर अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा कि अब तक इस युद्ध पर करीब 25 अरब डॉलर खर्च हुए हैं। यह पैसा हथियार और सेना के कामकाज पर लगा है।

लेकिन कई नेता और एक्सपर्ट इस बात से सहमत नहीं हैं। उनका कहना है कि असली खर्च इससे बहुत ज्यादा है। कुछ लोगों के मुताबिक, कुल खर्च 630 अरब डॉलर से भी ज्यादा हो सकता है, जबकि कुछ एक्सपर्ट तो इसे 1 ट्रिलियन डॉलर तक बता रहे हैं

एक बैठक में सांसद रो खन्ना ने कहा कि इस युद्ध का असर आम लोगों पर पड़ रहा है। पेट्रोल महंगा हो गया है, खाने-पीने की चीजें भी महंगी हो गई हैं।

उनका कहना है कि इस वजह से हर परिवार पर करीब 5000 डॉलर तक का बोझ पड़ सकता है। वहीं, अर्थशास्त्री लिंडा बिल्म्स का कहना है कि कुल खर्च 1 ट्रिलियन डॉलर तक जा सकता है।

02:02 PM30 अप्रैल 2026

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लेबनान बोला- इजराइल मेडिकल वर्कर्स पर हमले बंद करे

लेबनान के राष्ट्रपति मिशेल औन ने इजराइल से अपील की है कि वह आम लोगों और मदद करने वालों पर हमले बंद करे।

उन्होंने कहा कि इजराइल को अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करना चाहिए और नागरिकों, पैरामेडिक्स (मेडिकल वर्कर्स), सिविल डिफेंस और राहत संगठनों को निशाना बनाना बंद करना चाहिए।

राष्ट्रपति औन ने यह बात इंटरनेशनल रेड क्रॉस और रेड क्रीसेंट सोसाइटी के प्रतिनिधियों से मुलाकात के दौरान कही।

उन्होंने आरोप लगाया कि दक्षिणी लेबनान में इजराइल सीजफायर का उल्लंघन कर रहा है। घरों को तोड़ा जा रहा है, धार्मिक जगहों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है, जिससे मरने और घायल होने वालों की संख्या बढ़ रही है।

01:45 PM30 अप्रैल 2026

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ट्रम्प होर्मुज खोलने के लिए समुद्री गठबंधन बना सकते हैं

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने के लिए एक नया प्लान पेश किया है। इसके तहत अमेरिका एक अंतरराष्ट्रीय समुद्री गठबंधन (मैरीटाइम एलायंस) बनाने पर विचार कर रहा है।

इस योजना का मकसद उन जहाजों को सुरक्षित रास्ता देना है, जो तेल और गैस लेकर इस अहम समुद्री रास्ते से गुजरते हैं। युद्ध की वजह से इस इलाके में जहाजों की आवाजाही काफी कम हो गई है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस प्रस्तावित गठबंधन में कई देशों को शामिल करने की कोशिश की जाएगी। ये देश मिलकर समुद्र में सुरक्षा व्यवस्था संभालेंगे, जहाजों की निगरानी करेंगे और जरूरी जानकारी आपस में साझा करेंगे।

01:29 PM30 अप्रैल 2026

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ईरान का दावा- मिडिल ईस्ट का भविष्य अमेरिका के बिना ज्यादा बेहतर होगा

ईरान के सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई ने कहा कि आने वाले समय में मिडिल ईस्ट का भविष्य अमेरिका के बिना होगा। खामेनेई ने होर्मुज स्ट्रेट का जिक्र करते हुए कहा कि यह इलाका सदियों से बाहरी ताकतों की नजर में रहा है।

उन्होंने कहा कि फरवरी के आखिर में जब से अमेरिका और इजराइल का ईरान के साथ टकराव शुरू हुआ है, तब से ईरान के लोगों ने अपनी सेना की मजबूती और हिम्मत को करीब से देखा है।

खामेनेई के मुताबिक, ईरान की सेना ने इस दौरान मजबूती, सतर्कता और बहादुरी दिखाई है। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में पर्शियन गल्फ (खाड़ी) का इलाका अमेरिका के बिना ज्यादा बेहतर होगा।

01:17 PM30 अप्रैल 2026

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एक्सपर्ट बोले- दुनिया बड़े आर्थिक और एनर्जी संकट से जूझ रही

दुनिया इस समय बड़े आर्थिक और ऊर्जा संकट का सामना कर रही है। यह बात इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी के प्रमुख फातिह बिओरोल ने कही है।

उन्होंने पेरिस में एक कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि युद्ध की वजह से तेल और गैस के बाजार में भारी परेशानी चल रही है।

उनके मुताबिक, तेल की कीमत 120 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई है, जिससे कई देशों पर जबरदस्त दबाव पड़ रहा है।

फातिह बिओरोल ने कहा कि मौजूदा हालात दुनिया के लिए अब तक के सबसे बड़े ऊर्जा संकट जैसे हैं।

उन्होंने चेतावनी दी कि यह सिर्फ ऊर्जा का ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक बड़ा आर्थिक संकट भी बन चुका है।

01:13 PM30 अप्रैल 2026

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इजराइल ने इटैलियन जहाज रोका, इटली बोला- हमारे लोगों को तुरंत छोड़ो

इटली ने इजराइल की उस कार्रवाई की कड़ी आलोचना की है, जिसमें ‘ग्लोबल सुमुद फ्लोटिला’ के जहाजों को रोक लिया गया।

इटली की सरकार ने कहा कि ये जहाज अंतरराष्ट्रीय समुद्री रीजन में थे, ऐसे में उन्हें रोकना गलत है। सरकार ने साफ कहा कि जिन इटालियन लोगों को हिरासत में लिया गया है, उन्हें तुरंत रिहा किया जाए।

AFP न्यूज एजेंसी के मुताबिक, इटली ने अपने बयान में इस कार्रवाई की निंदा की है और इसे गैरकानूनी बताया है।

वहीं, ANSA न्यूज एजेंसी ने बताया कि इस मामले में करीब 24 इटालियन नागरिकों को हिरासत में लिया गया है। इटली की सरकार ने यह भी कहा कि इस पूरे मामले में अंतरराष्ट्रीय कानून का पूरी तरह पालन होना चाहिए।

साथ ही, जहाज पर मौजूद सभी लोगों की सुरक्षा की गारंटी देने की भी मांग की गई है। सरकार का कहना है कि लोगों की सुरक्षा सबसे जरूरी है और इस मुद्दे को जल्द से जल्द हल किया जाना चाहिए।

इजराइल ने इस जहाज को इसलिए रोका था क्योंकि उसे शक था कि यह जहाज गाजा या लेबनान की तरफ जा रहा है और वहां किसी तरह की मदद या सामान पहुंचा सकता है।

इटली के जहाज 'ग्लोबल सुमुद फ्लोटिला' की फाइल फोटो।

इटली के जहाज ‘ग्लोबल सुमुद फ्लोटिला’ की फाइल फोटो।

12:08 PM30 अप्रैल 2026

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ईरानी सुप्रीम लीडर की सेहत पर सस्पेंस, टीवी पर बयान पढ़ा गया

ईरान के सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई की सेहत को लेकर अब भी साफ जानकारी सामने नहीं आई है।

रिपोर्ट के मुताबिक, सुप्रीम लीडर बनने के बाद से वह कभी भी सार्वजनिक तौर पर नजर नहीं आए हैं। उन्होंने अब तक कोई वीडियो या ऑडियो संदेश भी जारी नहीं किया है। उनके सभी बयान हमेशा लिखित रूप में आते हैं, जिन्हें सरकारी टीवी पर पढ़कर सुनाया जाता है।

ईरान में लोग मानते हैं कि ऐसा सुरक्षा कारणों से किया जाता है। अमेरिका और इजरायल की तरफ से “टॉप लीडर को निशाना बनाने” की नीति (डिकैपिटेशन पॉलिसी) का खतरा माना जाता है, इसलिए उनकी सुरक्षा को लेकर काफी सख्ती बरती जा रही है।

हालांकि, इस मुद्दे पर अलग-अलग दावे भी सामने आ रहे हैं। अमेरिका का कहना है कि खामेनेई घायल हैं और उनकी हालत खराब है, वहीं ईरान का कहना है कि वे जिंदा हैं और रोजाना के कामकाज संभाल रहे हैं।

12:05 PM30 अप्रैल 2026

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ईरानी राष्ट्रपति बोले- हमारे पोर्ट की नाकाबंदी अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने कहा कि अमेरिका की समुद्री नाकाबंदी कामयाब नहीं होगी। ईरान के बंदरगाहों को रोकने की कोई भी कोशिश आखिर में फेल ही होगी।

पजशकियान ने कहा कि इस तरह की नाकाबंदी अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है और इससे दुनिया की शांति पर भी असर पड़ता है।

उन्होंने यह बात “नेशनल पर्शियन गल्फ डे” के मौके पर कही। यह दिन उस समय की याद में मनाया जाता है जब बहुत पहले इस इलाके से पुर्तगाल को हटाया गया था।

दरअसल, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प होर्मुज में नाकाबंदी को और लंबे समय तक जारी रखने का प्लान बना रहे हैं। उनका मानना है कि इससे ईरान पर दबाव पड़ेगा और वह बातचीत के लिए तैयार हो जाएगा।

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान।

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान।

11:02 AM30 अप्रैल 2026

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ईरान बोला- अमेरिकी ठिकाने खुद सुरक्षित नहीं, दूसरों को क्या बचाएंगे

ईरान के सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई ने एक बयान जारी कर कहा कि उनका देश अपनी परमाणु और मिसाइल क्षमता से किसी भी हाल में पीछे नहीं हटेगा। उनका यह लिखित बयान ईरान के सरकारी टीवी पर पढ़कर सुनाया गया।

खामेनेई ने कहा कि ईरान अपनी “परमाणु और मिसाइल ताकत” को देश की संपत्ति मानता है और हर हाल में उसकी रक्षा करेगा।

उन्होंने यह भी कहा कि हॉर्मुज स्ट्रेट में अब एक नया दौर शुरू हो गया है, जो आगे चलकर इलाके में शांति, तरक्की और आर्थिक फायदा लाएगा।

खामेनेई ने कहा कि मिडिल ईस्ट में असुरक्षा की सबसे बड़ी वजह अमेरिका की सैन्य मौजूदगी है। उन्होंने कहा कि यह बात अब साफ हो चुकी है कि खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी सैनिकों की मौजूदगी और उनके ठिकाने ही अस्थिरता पैदा कर रहे हैं।

खामेनेई ने दावा किया कि अमेरिका के सैन्य ठिकाने (बेस) इतने कमजोर हैं कि वे खुद की सुरक्षा भी ठीक से नहीं कर सकते। ऐसे में वे इस इलाके के दूसरे देशों को सुरक्षा देने का दावा कैसे कर सकते हैं?

10:41 AM30 अप्रैल 2026

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लेबनान बोला- अमेरिका इजराइल से सीजफायर वार्ता शुरू करने में मदद करे

लेबनान के राष्ट्रपति मिशेल औन ने अमेरिका से कहा है कि वह इजराइल के साथ दोबारा सीजफायर वार्ता शुरू कराने में मदद करे। करीब तीन हफ्ते पहले लेबनान के उग्रवादी संगठन हिजबुल्लाह ने सीजफायर की मांग की थी। इसके बावजूद इजराइल ने हमले जारी रखे।

फिर करीब एक हफ्ते बाद, अमेरिका के दबाव में इजराइल सीजफायर के लिए मान गया। लेकिन उसके बाद भी हालात ज्यादा नहीं बदले यानी कागज पर तो सीजफायर है, लेकिन असल में लड़ाई अभी भी चल रही है।

लेबनान के राष्ट्रपति मिशेल औन।

लेबनान के राष्ट्रपति मिशेल औन।

10:28 AM30 अप्रैल 2026

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ईरान जंग की वजह से पाकिस्तान हर हफ्ते 80 करोड़ डॉलर का तेल खरीद रहा

ईरान जंग की वजह से पाकिस्तान में ऑयल पर खर्च तेजी से बढ़ गया है। पाकिस्तानी PM शहबाज शरीफ ने कहा कि पहले देश हर हफ्ते करीब 30 करोड़ डॉलर का तेल खरीदता था। अब यही खर्च बढ़कर करीब 80 करोड़ डॉलर हो गया है।

शरीफ ने कहा कि दुनिया में तेल के दाम लगातार बढ़ रहे हैं, इसलिए हर हफ्ते नए दाम तय करने पड़ रहे हैं। सरकार का कहना है कि हालात पर हर दिन नजर रखी जा रही है।

हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि लोगों ने थोड़ा कम पेट्रोल-डीजल इस्तेमाल करना शुरू किया है, जिससे राहत मिली है।

सरकार इस स्थिति से निपटने के लिए कई कदम उठा रही है, जैसे तेल की बचत पर जोर दिया जा रहा है, एक खास टीम (टास्क फोर्स) बनाई गई है, खर्च कम करने के लिए सख्त फैसले लिए जा रहे हैं।

09:57 AM30 अप्रैल 2026

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गाजा में अक्टूबर 2023 से अब तक 72 हजार लोगों की मौत

गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में इजराइली हमलों में कम से कम 2 लोगों की मौत हुई है और 8 लोग घायल हुए हैं।

मंत्रालय ने बताया कि अक्टूबर 2025 में सीजफायर के बाद से अब तक 824 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 2,316 लोग घायल हुए हैं।

वहीं, अक्टूबर 2023 से शुरू हुए इस पूरे युद्ध में अब तक 72,601 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 1,72,419 लोग घायल हुए हैं।

09:32 AM30 अप्रैल 2026

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इजराइली सेना का दावा- हिजबुल्लाह के 5 लड़ाके मारे

इजराइली सेना ने दावा किया है कि उसने दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्लाह के 5 लड़ाकों को मार गिराया है।

यह दावा ऐसे समय आया है जब इजराइल के हमलों की काफी आलोचना हो रही है। कल दक्षिणी लेबनान के मजदल जौन इलाके में इजराइल के दो लगातार हमले हुए, जिनमें कम से कम 5 लोगों की मौत हो गई।

मरने वालों में 3 राहतकर्मी (रेस्क्यू वर्कर) और लेबनान का एक सैनिक भी शामिल था। रिपोर्ट के मुताबिक, 2 मार्च से अब तक लेबनान में इजराइल के हमलों में कम से कम 2,534 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 7,863 लोग घायल हुए हैं।

नेतन्याहू ने कल लेबनान पर हमले का वीडियो जारी किया था…

09:15 AM30 अप्रैल 2026

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ईरान 2-3 महीने तक अमेरिका का दबाव झेल सकता है

अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव को लेकर एक एक्सपर्ट ने कहा है कि ईरान इतनी जल्दी हार मानने वाला नहीं है।

दोहा इंस्टीट्यूट के प्रोफेसर मोहम्मद एलमासरी के मुताबिक, ईरान कम से कम 2-3 महीने तक अमेरिका के दबाव को झेल सकता है और हो सकता है इससे भी ज्यादा समय तक टिक जाए।

उन्होंने कहा कि ट्रम्प को लगता है कि दबाव डालकर ईरान को जल्दी झुकाया जा सकता है, लेकिन यह सोच पूरी तरह सही नहीं है।

एलमासरी का कहना है कि ईरान खुद को मजबूत मान रहा है और वह लंबे समय तक इस स्थिति को झेलने की तैयारी में है।

उन्होंने यह भी कहा कि असली सवाल यह नहीं है कि ईरान कब तक टिकेगा, बल्कि यह है कि अमेरिका कितनी देर तक इतना खर्च और नुकसान सह सकता है।

अगर यह स्थिति 2-3 महीने और चलती है, तो इसका बुरा असर अमेरिका और पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।

एलमासरी के मुताबिक, ईरान इस लड़ाई को अपने अस्तित्व की लड़ाई मानता है, इसलिए वह नुकसान सहकर भी पीछे हटने को तैयार नहीं है।

08:54 AM30 अप्रैल 2026

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एक्सपर्ट बोले- अमेरिका-ईरान के बीच फ्रोजन कॉन्फ्लिक्ट चल रहा

अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा तनाव अब ऐसे हालात में पहुंच गया है, जहां न पूरी तरह युद्ध हो रहा है और न ही कोई समझौता हो पा रहा है। इसे आसान भाषा में ‘फ्रोजन कॉन्फ्लिक्ट’ (रुकी हुई लड़ाई) कहा जा सकता है।

कतर के जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी में ईरान मामलों के जानकार मेहरान कमरावा का कहना है कि अभी कुछ समय तक ऐसा हालात रह सकता है, लेकिन यह बहुत लंबे समय तक नहीं चल पाएगा।

उनका कहना है कि ईरान अपने बंदरगाह लंबे समय तक बंद नहीं रख सकता, क्योंकि इससे उसकी अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ता है। वहीं अमेरिका भी लगातार इतनी बड़ी नाकाबंदी करना ज्यादा समय तक जारी नहीं रख सकता।

इसका मतलब यह है कि फिलहाल हालात ‘न युद्ध, न शांति’ जैसे बने रह सकते हैं, लेकिन महीनों या सालों तक ऐसा चलना मुश्किल है।

दूसरी तरफ, अमेरिका के एक थिंक टैंक क्विंसी इंस्टीट्यूट के मुताबिक, इस युद्ध के पहले महीने में ही अमेरिका को करीब 20 से 25 अरब डॉलर खर्च करने पड़े हैं।

अगर अमेरिका इराक युद्ध (2003) जैसा बड़ा जमीनी हमला करता है, तो उसे कम से कम 5 लाख सैनिकों की जरूरत होगी। ऐसे ऑपरेशन में हर महीने करीब 55 अरब डॉलर खर्च हो सकते हैं, यानी साल भर में यह खर्च 650 अरब डॉलर से भी ज्यादा हो सकता है।

थिंक टैंक का कहना है कि असली खर्च इससे भी ज्यादा हो सकता है। कुल मिलाकर, दोनों देशों के लिए यह स्थिति लंबे समय तक बनाए रखना आसान नहीं है, इसलिए आगे चलकर हालात बदलने की संभावना बनी हुई है।

08:39 AM30 अप्रैल 2026

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अमेरिका-ईरान बातचीत में कहां फंसी बात?

08:38 AM30 अप्रैल 2026

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प्रेस फ्रीडम में ईरान सबसे खराब देशों में शामिल

2026 में प्रेस फ्रीडम में ईरान दुनिया के सबसे खराब देशों में शामिल है। रिपोर्ट में कहा गया कि ईरान 180 देशों में 177वें स्थान पर है। यह “वेरी सीरियस” कैटेगरी में आता है, जहां पत्रकारों के लिए हालात सबसे ज्यादा सीमित माने जाते हैं।

ईरान की यह स्थिति लंबे समय से मीडिया पर सख्ती और कानून व सुरक्षा एजेंसियों की पत्रकारों पर कार्रवाई से जुड़ी है।

वहीं, वैश्विक स्तर पर हालात 25 साल के निचले स्तर पर पहुंच गए हैं। मीडिया वॉचडॉग रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स के मुताबिक, दुनिया के आधे से ज्यादा देश अब “डिफिकल्ट” या “वेरी सीरियस” श्रेणी में आ चुके हैं।

08:01 AM30 अप्रैल 2026

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ईरान युद्ध में अमेरिकी कंपनी अमेजन प्रभावित

अमेरिकी टेक कंपनी अमेजन ने कहा कि उसका क्लाउड प्लेटफॉर्म अमेजन वेब सर्वीसीज (AWS) का बहरीन रीजन ईरान युद्ध में ड्रोन गतिविधियों के कारण प्रभावित हुआ है।

AWS, अमेजन का क्लाउड कंप्यूटिंग डिविजन है। यह कई बड़ी वेबसाइट्स और सरकारी सेवाओं को चलाने के लिए अहम माना जाता है। यह कंपनी के मुनाफे का मुख्य स्रोत भी है।

रॉयटर्स के मुताबिक, कंपनी के प्रवक्ता ने इसकी पुष्टि की। कंपनी ने बताया कि वह सेवाएं बहाल करने के लिए यूजर्स को दूसरे AWS रीजन में शिफ्ट कर रही है, लेकिन नुकसान या बहाली में लगने वाले समय को लेकर कोई जानकारी नहीं दी गई।

यह एक महीने में दूसरी बार है जब युद्ध के चलते AWS ऑपरेशंस प्रभावित हुए हैं। इससे पहले बहरीन और UAE में पावर आउटेज भी हुआ था।

07:39 AM30 अप्रैल 2026

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ट्रम्प 1 मई के बाद भी क्या ईरान पर युद्ध जारी रखेंगे

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प 25 अप्रैल को व्हाइट हाउस में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान।

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प 25 अप्रैल को व्हाइट हाउस में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान।

अमेरिका में वॉर पावर्स रेजोल्यूशन 1973 नाम का एक कानून है। इसके मुताबिक अगर राष्ट्रपति बिना संसद की मंजूरी के सेना का इस्तेमाल करते हैं, तो उन्हें 60 दिन के भीतर संसद से अनुमति लेनी होती है।

अमेरिका ने ईरान पर 28 फरवरी को हमला किया था लेकिन संसद में इसकी जानकारी 2 मार्च को दी थी। ऐसे में ट्रम्प के पास 1 मई तक का समय है कि वे यह मंजूरी हासिल करें। अगर ऐसा नहीं होता, तो कानून कहता है कि उन्हें सैन्य कार्रवाई खत्म करनी होगी।

मंजूरी हासिल करने के लिए अमेरिका की संसद, यानी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स और सीनेट दोनों से साधारण बहुमत से मंजूरी जरूरी होती है। अभी तक ऐसी मंजूरी नहीं मिली है। क्योंकि कम से कम 10 रिपब्लिकन सांसद जंग के खिलाफ हैं।

नियम के मुताबिक अगर संसद मंजूरी नहीं देती, तो सैन्य कार्रवाई खत्म करनी चाहिए। लेकिन असल में मामला इतना सीधा नहीं है। पहले भी कई अमेरिकी राष्ट्रपति इस नियम को पूरी तरह नहीं मानते रहे हैं और इसे संविधान के खिलाफ बताते रहे हैं।

05:47 AM30 अप्रैल 2026

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भारत-ईरान की क्या बातचीत हुई, ईरानी दूतावास ने बताया

भारत में मौजूद ईरानी दूतावास ने बताया कि बुधवार को भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर और ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के बीच फोन पर बातचीत हुई, जिसमें क्षेत्रीय हालात पर विस्तार से चर्चा की गई।

दूतावास ने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए कहा कि बातचीत के दौरान अराघची ने जयशंकर को क्षेत्र की स्थिति से अवगत कराया। उन्होंने खास तौर पर यह बताया कि अमेरिका की लगातार गैरकानूनी कार्रवाइयों की वजह से अंतरराष्ट्रीय समुद्री आवाजाही की आजादी पर खतरा पैदा हो रहा है।

इसके साथ ही उन्होंने ईरान के खिलाफ थोपी गई जंग को खत्म करने के लिए चल रही बातचीत से जुड़े ताजा घटनाक्रम की जानकारी भी साझा की।

बयान में यह भी कहा गया कि फारस की खाड़ी और होर्मुज में पैदा हुई असुरक्षा को अमेरिका और इसराइल की ईरान के खिलाफ आक्रामक कार्रवाइयों का सीधा नतीजा बताया गया है।

ईरानी दूतावास के मुताबिक, अरागची ने कहा कि इन घटनाओं के कारण वैश्विक सुरक्षा और आर्थिक स्थिति पर जो असर पड़ रहा है, उसके लिए अमेरिका और इसराइल को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।

05:28 AM30 अप्रैल 2026

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अमेरिका ने ईरान की 45 करोड़ डॉलर की क्रिप्टोकरेंसी जब्त की

अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा है कि अमेरिका ने ईरान की करीब 45 करोड़ डॉलर की क्रिप्टोकरेंसी जब्त कर ली है। इससे पहले अमेरिका ने पहले करीब 350 मिलियन डॉलर की क्रिप्टो एसेट्स जब्त की थीं और हाल ही में 100 मिलियन डॉलर और हासिल किए, जिससे कुल रकम लगभग आधा अरब डॉलर के करीब पहुंच गई है।

बेसेंट के मुताबिक, इस पूरी कार्रवाई को ‘ऑपरेशन इकोनॉमिक फ्यूरी’ के तहत चलाया जा रहा है, जिसका मकसद ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाना है। उन्होंने दावा किया कि इससे तेहरान की सरकार पर संकट की स्थिति बन गई है।

05:13 AM30 अप्रैल 2026

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दुनिया का सबसे बड़ा एयरफ्राफ्ट अब अमेरिका लौट रहा

दुनिया का सबसे बड़ा एयरक्राफ्ट कैरियर यूएसएस जेराल्ड आर फोर्ड अब 300 दिनों से ज्यादा की रिकॉर्ड तैनाती के बाद वापस अमेरिका लौटने वाला है। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक यह जहाज आने वाले दिनों में मिडिल ईस्ट से निकलेगा और 15 मई तक वर्जीनिया स्थित अपने होम पोर्ट पहुंच जाएगा।

इस जहाज की तैनाती बेहद खास रही क्योंकि इसने ईरान के खिलाफ युद्ध में हिस्सा लिया और वेनेजुएला के नेता निकोलस मादुरो को पकड़ने वाले सैन्य ऑपरेशन में भी शामिल रहा। यह तैनाती जून में शुरू हुई थी, जब जहाज वर्जीनिया के नेवल स्टेशन नॉरफॉक से रवाना हुआ था, और करीब 10 महीने तक लगातार अलग-अलग इलाकों में एक्टिव रहा।

शुरुआत में यह जहाज भूमध्य सागर पहुंचा, फिर अक्टूबर में इसे कैरेबियन सागर की ओर भेजा गया। यहीं इसने मादुरो को पकड़ने वाले ऑपरेशन में हिस्सा लिया। इसके बाद जब ईरान के साथ तनाव बढ़ा, तो इसे मिडिल ईस्ट की ओर भेजा गया।

शुरुआती दिनों में इसने भूमध्य सागर से ऑपरेशन किए, फिर स्वेज नहर पार कर मार्च की शुरुआत में लाल सागर पहुंचा। हालांकि इसी दौरान जहाज के एक लॉन्ड्री हिस्से में आग लग गई, जिसके कारण इसे वापस भूमध्य सागर लौटकर मरम्मत करानी पड़ी। इस घटना से जहाज पर मौजूद सैकड़ों सैनिकों को रहने की जगह तक की दिक्कत हो गई थी।

05:05 AM30 अप्रैल 2026

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ट्रम्प को आज ईरान पर हमले की ब्रीफिंग दी जाएगी

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को गुरुवार को ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य कार्रवाई की नई योजनाओं पर ब्रीफिंग दी जाएगी। यह ब्रीफिंग ब्रैड कूपर देंगे, जो अमेरिका की सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के प्रमुख हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, सेंटकॉम ने ईरान के खिलाफ ‘छोटे लेकिन बहुत ताकतवर हमलों’ की प्लानिंग तैयार की है। इसका मकसद सीधे युद्ध को लंबा खींचना नहीं, बल्कि ईरान पर दबाव बनाना है ताकि वह बातचीत में झुक जाए।

इसके अलावा कुछ और विकल्पों पर भी काम किया जा रहा है। इनमें होर्मुज के कुछ हिस्सों पर कंट्रोल करना शामिल है, जो दुनिया के लिए तेल सप्लाई का बहुत अहम रास्ता है।

इसके अलावा, अमेरिका ईरान के हाई एनरिच्ड यूरेनियम (उच्च स्तर पर संवर्धित यूरेनियम) के भंडार को कब्जे में लेने के लिए स्पेशल फोर्स भेजने जैसे कदमों पर भी विचार कर रहा है।

04:50 AM30 अप्रैल 2026

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जापान पर बढ़ा आर्थिक दबाव, येन डॉलर के मुकाबले 160 पहुंचा

जापान की मुद्रा येन डॉलर के मुकाबले कमजोर होकर 160 के स्तर के ऊपर पहुंच गई है। इसकी बड़ी वजह तेल की कीमत का बढ़ना है। कच्चा तेल 120 डॉलर प्रति बैरल के पार चला गया है। आखिरी बार तेल की कीमतें इस स्तर पर जून 2022 में देखी गई थीं।

तेल की कीमत बढ़ने का सीधा असर जापान पर पड़ता है, क्योंकि वह ज्यादातर तेल आयात करता है। जब तेल महंगा होता है, तो देश का आयात खर्च बढ़ जाता है और व्यापार संतुलन बिगड़ता है, जिससे येन कमजोर होता है।

बुधवार को येन 160.44 प्रति डॉलर तक गिर गया, जो जुलाई 2024 के बाद सबसे कमजोर स्तर है। अगर यह 161 के पार गया तो 40 साल में पहली बार ऐसा होगा।

04:26 AM30 अप्रैल 2026

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कच्चे तेल की कीमत 126 डॉलर प्रति बैरल के पार

गुरुवार को ब्रेंट क्रूड (कच्चे तेल) की कीमत तेजी से बढ़कर करीब 126 डॉलर प्रति बैरल को पार कर गई है। बुधवार के मुकाबले यह करीब 7% बढ़कर 126.20 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई है।

8 मार्च 2022 को तेल की कीमत 127.98 डॉलर प्रति बैरल थी। उसके बाद से यह सबसे ज्यादा कीमत है। पिछले हफ्ते तेल की कीमत करीब 100 डॉलर के पास थी।

04:22 AM30 अप्रैल 2026

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ट्रम्प ने होर्मुज स्ट्रेट का नाम बदलकर नक्शा शेयर किया

डोनाल्ड ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर एक बदला हुआ नक्शा शेयर किया है, जिसमें होर्मुज का नाम बदलकर ‘स्ट्रेट ऑफ ट्रम्प’ दिखाया गया।

ट्रम्प ने यह भी कहा कि ईरान युद्ध को खत्म करने के लिए बातचीत अब सीधे मुलाकात के बजाय फोन पर हो रही है, क्योंकि लंबी दूरी की यात्रा में दिक्कतें हैं।

जानकारी के मुताबिक, ईरान ने पाकिस्तान के जरिए अमेरिका को एक नया प्रस्ताव भेजा है, लेकिन पहले ही खबर आ चुकी है कि ट्रम्प इस प्रस्ताव से खुश नहीं हैं और इसे स्वीकार करने की संभावना कम है।

04:11 AM30 अप्रैल 2026

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कच्चे तेल की कीमत 124 डॉलर प्रति बैरल के करीब

गुरुवार को ब्रेंट क्रूड (कच्चे तेल) की कीमत तेजी से बढ़कर करीब 124 डॉलर प्रति बैरल को छूने लगी है। बुधवार के मुकाबले यह करीब 6% बढ़कर 123.93 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया है, जो मार्च 2022 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है। पिछले हफ्ते तेल की कीमत करीब 100 डॉलर के पास था।

तेल की कीमत इतिहास में सबसे ज्यादा 2008 में पहुंची थी। उस समय अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड करीब 147 डॉलर प्रति बैरल तक चला गया था। यह अब तक का रिकॉर्ड हाई माना जाता है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि कीमतें अभी और बढ़ सकती हैं। युद्ध से पहले ही अंदाजा लगाया जा रहा था कि अगर होर्मुज लंबे समय तक बंद रहता है, तो तेल की कीमत 150 से 200 डॉलर प्रति बैरल तक जा सकती है।

03:45 AM30 अप्रैल 2026

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अमेरिका ने NASA के बजट के बराबर रकम जंग में खर्च की

अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ बुधवार को संसद में ईरान से जंग में खर्चे की जानकारी देते हुए।

अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ बुधवार को संसद में ईरान से जंग में खर्चे की जानकारी देते हुए।

अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध पर अब तक करीब 25 अरब डॉलर (2.37 लाख करोड़ रुपए) खर्च हो चुके हैं। यह पहली बार है जब अमेरिका की तरफ से इस युद्ध की आधिकारिक लागत बताई गई है।

रॉयटर्स के मुताबिक यह रकम इस साल पूरे NASA के बजट के बराबर है। अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने इस खर्च को सही ठहराते हुए कहा कि अगर इससे ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोका जा सकता है, तो यह कीमत चुकाना जरूरी है।

यह युद्ध 28 फरवरी से शुरू हुआ था और फिलहाल दोनों पक्षों के बीच एक कमजोर युद्धविराम बना हुआ है। अमेरिका ने इस दौरान मिडिल ईस्ट में हजारों अतिरिक्त सैनिक भेजे हैं और वहां तीन एयरक्राफ्ट कैरियर भी तैनात रखे हैं।

03:29 AM30 अप्रैल 2026

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ट्रम्प ने अपनी तस्वीर शेयर कर लिखा- तूफान आने वाला है

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर फिर एक तस्वीर शेयर की है जिसे ईरान को धमकी माना जा रहा है।

इसमें लिखा है-

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तूफान आने वाला है। और जो आने वाला है उसे कोई रोक नहीं सकता।

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03:09 AM30 अप्रैल 2026

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रिपोर्ट: ईरान-अमेरिका पीस डील का फ्रेमवर्क तैयार

अमेरिका और ईरान के बीच पीस डील में खाड़ी के देश भी शामिल हो सकते हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक सऊदी अरब, कतर, कुवैत और ओमान ने मंजूरी दे दी है। फिलहाल UAE ने इसमें शामिल होने से इनकार किया है। उसका कहना है कि ईरानी हमलों से उनके यहां सबसे ज्यादा नुकसान हुआ। ईरान के साथ डील में कोई जल्दबाजी नहीं होनी चाहिए।

ट्रम्प ने ईरान से डील का फ्रेमवर्क गाजा पीस डील की तर्ज पर किया है। इसमें सभी स्टेक होल्डर होंगे। ईरानी विदेश मंत्री अरागची पाकिस्तानी आर्मी चीफ आसिम मुनीर के सरकारी विमान गल्फस्ट्रीम जी-600 से उड़ान भर रहे हैं। अरागची इसी विमान से ओमान पहुंचे और फिर इसी विमान से रूस फिर पाकिस्तान लौटे थे।

02:52 AM30 अप्रैल 2026

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ईरान में सबसे छोटा नोट 1 लाख रियाल का

ईरान में महंगाई दर रिकॉर्ड 72% पर है। बुधवार को 1 डॉलर के मुकाबले में रियाल 18 लाख हो गया। सबसे छोटा नोट 1 लाख रियाल का है, इसमें भी 2 ही रोटी आती हैं। 1 हजार रियाल भारतीय 2 रुपए के बराबर है।

युद्ध के बाद ईरान में खाद्य तेल सबसे ज्यादा 220% महंगे हुए हैं। ब्रेड की कीमत 150% तक बढ़ी है। डेयरी और फ्रूट की कीमतें भी 110% तक बढ़ गई हैं।

ईरान में युद्ध के बाद से लगभग 10 लाख लोगों की नौकरियां चली गईं हैं। 15 लाख की जॉब्स खतरे में है। ईरान में बेरोजगारी की दर ​रिकॉर्ड 25% पहुंच चुकी है।

पेंशन भुगतान में दिक्कतें आ रही हैं। लाखों परिवारों की आय रुक गई है। सरकार केवल सीमित रूप से नकद सब्सिडी और फूड वाउचर ही जारी कर रही है

हर पांच में से 2 ईरानी जनता को दवाएं नहीं मिल पा रही हैं। इसका बड़ा कारण अमेरिकी हमले में केमिकल प्लांट का तबाह होना है। आयात भी ठप है।

02:25 AM30 अप्रैल 2026

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ट्रम्प और पुतिन के बीच 90 मिनट बातचीत

ट्रम्प और पुतिन की अगस्त 2025 में अलास्का में मुलाकात हुई थी।

ट्रम्प और पुतिन की अगस्त 2025 में अलास्का में मुलाकात हुई थी।

ट्रम्प व रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने बुधवार को फोनकॉल पर 90 मिनट बात की। दोनों नेताओं ने ईरान और यूक्रेन युद्ध पर चर्चा की।

ट्रम्प ने इस बातचीत को अच्छा बताया और कहा कि उन्होंने पुतिन से ‘थोड़ा सा सीजफायर’ करने का सुझाव दिया। उनका कहना था कि पुतिन को वे लंबे समय से जानते हैं, वे इस पर राजी हो सकते हैं।

पत्रकारों से बात करते हुए ट्रम्प ने बताया कि पुतिन ने ईरान के समृद्ध यूरेनियम (एनरिच्ड यूरेनियम) के मुद्दे पर मदद की पेशकश की। यह मुद्दा इस समय चल रहे ईरान युद्ध को खत्म करने में एक बड़ी बाधा माना जा रहा है। हालांकि ट्रम्प ने साफ कहा कि वे चाहते हैं कि पुतिन ज्यादा ध्यान यूक्रेन युद्ध को खत्म कराने पर दें।

02:06 AM30 अप्रैल 2026

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अमेरिका ने ईरान युद्ध पर 25 अरब डॉलर खर्च किए

अमेरिका ईरान युद्ध पर पिछले 2 महीने में अब तक 25 अरब डॉलर (2.37 लाख करोड़ रुपए) खर्च कर चुका है। अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के सीनियर अधिकारी जूल्स डब्ल्यू. हर्स्ट ने बुधवार को इसकी जानकारी संसद की आर्म्ड सर्विसेज कमेटी की सुनवाई में दी। हर्स्ट के मुताबिक कुल खर्च का बड़ा हिस्सा हथियारों, मिसाइलों और गोला-बारूद पर हुआ है।

01:53 AM30 अप्रैल 2026

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अमेरिका ने 42 कॉमर्शियल जहाजों को वापस लौटाया

ओमान सागर के पास समुद्र में फंसे छोटे जहाज।

ओमान सागर के पास समुद्र में फंसे छोटे जहाज।

अमेरिका की सेना के सेंट्रल कमांड ने कहा है कि ईरान के खिलाफ लगाई गई नौसैनिक नाकेबंदी काफी असरदार साबित हो रही है।

उन्होंने बताया कि अमेरिकी सेना ने 42 ऐसे कॉमर्शियल जहाजों को रास्ता बदलने पर मजबूर किया है, जो ईरान के बंदरगाहों में आने या वहां से जाने की कोशिश कर रहे थे।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) के बयान के मुताबिक, इस समय 41 तेल टैंकर ऐसे हैं जिनमें करीब 6.9 करोड़ बैरल तेल भरा है, लेकिन ईरान उसे बेच नहीं पा रहा है।

कूपर ने कहा कि इससे ईरान को करीब 6 अरब डॉलर से ज्यादा का आर्थिक नुकसान हो रहा है, क्योंकि उसकी सरकार इस तेल से कोई कमाई नहीं कर पा रही।

01:39 AM30 अप्रैल 2026

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जर्मनी में अपने सैनिक घटाएगा अमेरिका

ट्रम्प ने कहा है कि अमेरिका जर्मनी में तैनात अपने सैनिकों की संख्या घटाने की संभावना पर विचार कर रहा है। उन्होंने सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी दी और कहा कि इस पर जल्द ही फैसला लिया जाएगा।

इससे पहले जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने ट्रम्प सरकार के जंग खत्म न कर पाने को लेकर कहा था कि ईरान के साथ मौजूदा हालात में अमेरिका को अपमान का सामना करना पड़ रहा है। इसके बाद ट्रम्प ने मर्ज की आलोचना करते हुए कहा था कि मर्ज ईरान के परमाणु इरादों को गलत समझ रहे हैं और उनकी बातों को गलत तरीके से पेश कर रहे हैं।

ट्रम्प लंबे समय से यूरोपीय सहयोगियों और नाटो की आलोचना करते रहे हैं। उनका मानना है कि ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजराइल युद्ध में यूरोपीय देशों ने पर्याप्त मदद नहीं की है।

जर्मनी में अमेरिका का एक बड़ा सैन्य ठिकाना रामस्टीन एयर बेस है, जो यूरोप में अमेरिकी वायुसेना का मुख्यालय है। यहां से हवाई आपूर्ति, सैनिकों को उतारना और मेडिकल इमरजेंसी जैसी अहम सैन्य कार्रवाइयां होती हैं।

01:03 AM30 अप्रैल 2026

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ट्रम्प की चेतावनी के बाद तेल की कीमतें 4 साल में सबसे ज्यादा

राष्ट्रपति ट्रम्प का कहना है कि ईरान के खिलाफ अमेरिका की नौसैनिक नाकाबंदी महीनों तक चल सकती है, जिसके चलते तेल की कीमतें चार साल से भी ज्यादा समय के अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गई हैं।

ब्रेंट क्रूड ऑयल के वायदा भाव 8 प्रतिशत उछलकर 120 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गए, जो जून 2022 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है।

बाजारों ने इस बात को मान लिया है कि ईरान के साथ चल रहे विवाद का जल्द कोई हल निकलने या होर्मुज के फिर से खुलने की संभावनाएं बहुत कम हैं।

तेल कंपनियों के अधिकारियों के साथ एक बैठक में ट्रम्प ने यह तर्क दिया कि ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी, बमबारी करने से कहीं ज्यादा असरदार है।

01:02 AM30 अप्रैल 2026

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गालिबाफ बोले- देश में कहीं तेल का कुआं नहीं फटा

ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकिर गालिबाफ ने बुधवार को कहा कि अमेरिकी नाकेबंदी के बावजूद कोई भी तेल का कुआं नहीं फटा। उन्होंने दावा किया कि ईरान के तेल की बिक्री रोकने के लिए अमेरिका ने जो कदम उठाए हैं, उनसे अभी तक ईरान के तेल के टैंक भरे नहीं हैं, बल्कि इसका नतीजा सिर्फ तेल की कीमतें बढ़ने के रूप में सामने आया है।

गालिबाफ ने X पर एक पोस्ट में कहा- तीन दिन बीत चुके हैं, लेकिन कोई भी कुआं नहीं फटा है। हम इस समय सीमा को 30 दिन तक बढ़ा सकते हैं और यहां से उस कुएं का लाइव प्रसारण भी कर सकते हैं।

इससे पहले राष्ट्रपति ट्रम्प ने 26 अप्रैल को ईरान को 3 दिन का अल्टीमेटम देते हुए कहा था कि अगर वे युद्धविराम समझौते पर राजी नहीं होते हैं, तो ईरान की तेल पाइपलाइनें अंदर से फट जाएंगी।

ट्रम्प ने तर्क दिया था कि नाकाबंदी के कारण ईरान तेल का निर्यात नहीं कर पा रहा है। यदि तेल के कुओं से उत्पादन जारी रहता है और उसे स्टोर करने या जहाजों में भरने की जगह नहीं मिलती, तो भारी दबाव के कारण पाइपलाइनें और कुएं यांत्रिक रूप से फट जाएंगे।

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