Published On: Tue, Aug 13th, 2024

बीमा, प्रदूषण और फिटनेस फेल गाड़ियों का टोल पर खुद कटेगा चालान, ई-डिटेक्शन सिस्टम करेगा ऐसे काम


वाहन मालिक गाड़ी का बीमा, प्रदूषण, फिटनेस फेल होने पर अब बच नहीं सकेंगे। न ही इसे छुपा सकेंगे। अब परिवहन विभाग ने ऐसी व्यवस्था कर दी है कि चाहकर भी वाहन मालिक ऐसा नहीं कर सकेंगे। किसी भी टोल प्लाजा से गुजरते ही उनका ई-चालान कट जाएगा। इसका सबसे प्रभारी असर तो यह होगा कि इससे मोटरवाहन अधिनियम का उल्लंघन करने वाले वाहनों की पहचान आसान होगी और उनसे जुर्माना भी वसूला जा सकेगा। यही नहीं, बिना परमिट चलने वाली बसों पर भी लगाम लग सकेगी।

दरअसल, टोल प्लाजा से गुजरते ही वहां पर लगे ई-डिटेक्शन मशीन से उनका ई-चालान ऑटोमेटिक कट जाएगा। राज्य के सभी टोल प्लाजा पर ई-डिटेक्शन सिस्टम लगाया गया है। जो वाहनों की जांच करेगी और आवश्यक दस्तावेजों की अनुपस्थिति में स्वचालित रूप से ई-चालान जारी करेगी। ऐसे में इसे धोखा देना किसी वाहन मालिक के लिए संभव नहीं होगा। 

खासकर मोटरवाहन अधिनियम का उल्लंघन करने वाले वाहन मालिक तो किसी भी सूरत में बच नहीं पाएंगे। प्रायोगिक तौर पर इसका परीक्षण किया गया है। इसके तहत पिछले दो दिनों में टोल प्लाजों पर पांच हजार से अधिक वाहनों का ई-चालान काटा गया है। परीक्षण सफल होने के बाद अब इसे पूरे प्रदेश में लागू किया जा रहा है। यह चालान एक दिन में किसी टोल प्लाजा पर एक ही बार काटा जाएगा। इसकी सूचना संबंधित वाहन मालिक के मोबाइल नंबर पर भेजी जायेगी।

ई-डिटेक्शन से ऐसे कटेगा ई-चालान

एनएच के टोल प्लाजा से होकर गुजरने वाले वाहन जब फास्टैग के संपर्क में आएंगे, तो तस्वीर सहित वाहन से संबंधित सारा डाटा सॉफ्टवेयर में आ जाएगा। इसके बाद इस डाटा का एनआईसी के वाहन पोर्टल पर उपलब्ध डाटा से मिलान कराया जाएगा। इसके जरिए संबंधित वाहन के निबंधन, फिटनेस, बीमा, प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र आदि की अद्यतन जानकारी मिल जाएगी। इसमें कमी पाए जाने पर संबंधित वाहन मालिकों को ई-चालान जारी किया जाएगा।

सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए उठाया कदम

बिहार सरकार ने यह कदम सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने और मोटरवाहन अधिनियम के उल्लंघन पर प्रभावी कार्रवाई करने के लिए उठाया है। ई डिटेक्शन प्रणाली के शुरू होने से वाहन चालकों को मोटरवाहन अधिनियम के नियमों का पालन करने में मदद मिलेगी और सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी। राज्य में हो रही सड़क दुर्घटनाओं में सर्वाधिक मौत राष्ट्रीय राजमार्ग पर हो रही है। इसपर नियंत्रण के लिए जरूरी है कि वाहन का फिटनेस, परमिट, बीमा, मोटर वाहन कर आदि का अनुपालन शत-प्रतिशत सख्ती से लागू किया जाए।

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